MP के इस जिला अस्पताल में IVB जांच कराना है 900 लेकर पहुंचे, अन्यथा नहीं होगी जांच

हाल-ए-जिला अस्पताल: दवाइयोंं का टोटा, मरीज हो रहे परेशान, आईवीपी जांच के लिए ९ सौ लेकर जाएं

By: suresh mishra

Published: 11 Mar 2018, 04:16 PM IST

सतना। जिला अस्पताल के नैदानिक केंद्र में आईवीपी (इन्ट्रा वीनस पाइलोग्राफी) की जांच कराना है तो दवाइयां बाजार से खरीदकर ले जाना होगा। पीडि़त को जांच के पहले दी जाने दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि चिकित्सक खुद मरीज को बाजार से दवा लाने (टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर के माध्यम से) दबाव डाल रहे हैं।

दवाइयां उपलब्ध नहीं होने का हवाला

आईवीपी जांच के लिए रोजाना पीड़ितों को बाजार से दवा खरीदना पड़ रहा है। पेट दर्द से कराह रही टिकुरिया टोला निवासी शांति शुक्ला जिला अस्पताल पहुंची। जहां सर्जिकल विशेषज्ञ ने आईवीपी जांच कराने का परामर्श दिया, लेकिन टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर ने दवाइयां उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर जांच करने से मना कर दिया।

क्या है आईवीपी जांच
आईवीपी (इन्ट्रा वीनस पाइलोग्राफी) जांच करके पीडि़त की किडनी की स्थिति पता लगाया जाता है। किडनी सही काम कर रही है या नहीं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी आईवीपी जांच में सामने आ जाती है। दरअसल पीडि़ता को किडनी में स्टोन होने की आशंका पर चिकित्सकों ने आईवीपी जांच कराने परामर्श दिया था।

ये दवाइयां नहीं
आईवीपी जांच के पहले पीडि़त को यूरोग्राफिन इंजेक्शन सहित डलकोलेक्स, ओमनी पैक, डेक्सोना सहित अन्य दवाइयां देना आवश्यक होता है। मेडिकल स्टोर्स में इन सभी दवाइयों की कीमत ९ सौ रुपए से भी अधिक है। अस्पताल से दवा नहीं मिलने के कारण पीडि़तों को बाजार से दवा खरीदना पड़ रहा है।

पर्चे में लिख दे रहे सलाह
नैदानिक केंद्र के स्टॉफ ने जांच के पर्चे के पीछे दवा नहीं होने का उल्लेख कर जांच से मना कर दिया तो सर्जिकल विभाग के चिकित्सक ने अपनी गर्दन बचाते हुए रेडियोग्राफर, टेक्नीशियन को पर्ची में दवा लिखकर बाजार से मंगाने की सलाह दी। नैदानिक केंद्र के स्टाफ ने दवा लिखने से इंकार कर दिया। दवाइयां उपलब्ध नहीं होने से पीडि़त महिला की जांच भी नहीं हो पाई।

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