अब डायनिंग टेबल पर मध्यान्ह भोजन करेंगे बच्चे

अब डायनिंग टेबल पर मध्यान्ह भोजन करेंगे बच्चे
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Satna Online | Publish: May, 01 2015 09:02:00 AM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे जल्द ही डायनिंग टेबल पर मध्यान्ह भोजन करते नजर आएंगे। जिला पंचायत सीईओ द्वारा शुरू किए गए नवाचार के बाद अब स्कूलों में इसकी स्थायी व्यवस्था की जा रही है। ताकि बच्चों को जमीन में बैठकर खाने से मुक्ति मिल सके। अब तक तीन दर्जन विद्यालयों में डायनिंग टेबल स्थापित किए जा चुके हैं।

सतना  
जिपं सीईओ सूफिया फारुखी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि ग्रामीण स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठ कर मध्याह्न भोजन करते हैं। जो कि बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सही नहीं है। आसपास आवारा जानवर भी मंडराने लगते हैं। जिसे देखते हुए जिपं सीईओ ने जिला स्तर पर नवाचार की शुरुआत की।  

बनेंगी स्थायी टेबल

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पत्थर, कट स्टोन, कुर्सी पटिया का इस्तेमाल करके प्राथमिकता के तौर पर डायनिंग टेबल भोजन कक्ष में ही बनाए जाएंगे। जगह न होने पर अतिरिक्त कक्ष या अन्य कक्ष में भी पत्थर की बेंच एवं डेस्क बनाई जा सकती हंै। इसका उपयोग अध्ययन कक्ष सह भोजन कक्ष के रूप में भी किया जा सकेगा।

विंध्य में पहला प्रयोग

विंध्य में नवाचार के रूप में जिले से शुरू हुए इस प्रयोग में लागत भी काफी कम है। बताया गया है इसकी लागत 13 हजार रुपए आ रही है। जिपं सीईओ ने इसे बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोगों और दानदाताओं से भी अपील की है कि वे इस व्यवस्था में सहयोग कर नवाचार को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। इसका निर्माण शाला विकास निधि, मनरेगा, पंच परमेश्वर, पंचायत निधि की राशि सहित ग्राम पंचायत में उपलब्ध अन्य निधि से भी किया जा सकता है।

डायनिंग टेबल का नवाचार शुरू किया गया है। अभी तक लगभग 3 दर्जन से ज्यादा विद्यालयों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस प्रयोग को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
सूफिया फारूखी, जिपं सीईओ

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