इधर प्रशासन ने पकड़ा प्याज से भरा ट्रक, उधर प्याज की कीमतें गिरीं

जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी की टीम ने की लगातार दूसरे दिन भी छापेमारी

 

 

By: Ramashanka Sharma

Updated: 27 Nov 2019, 12:58 AM IST

सतना. प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच जिला प्रशासन ने अब मूल्य नियंत्रण के लिये सख्त रुख अपना लिया है। जिला आपूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम लगातार प्याज कारोबारियों के यहां दबिश दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर उचेहरा में एक ट्रक प्याज पकड़ी गई। बताया गया है कि यह प्याज राजस्थान के अलवर से मंगाई गई थी और कटिंग करके कटनी भेजी जा रही थी। हालांकि मंडी अधिनियम में नहीं आने के कारण उसे बाद में छोड़ दिया गया। लेकिन इससे यह तो साबित हो गया कि सतना में प्याज की अतिरिक्त आवक हो रही है जिस कारण यहां से प्याज कटनी भेजा जा रहा है। उधर कार्रवाई का असर भी बाजार में दिखने लगा है और प्याज की कीमतें गिर कर 60 से 70 रुपये तक आ गई हैं। कलेक्टर सतेन्द्र सिंह ने कहा है कि प्याज की कीमतें न बढ़ें इसलिये अभी लगातार जांच कार्यवाही की जाएगी।

सतना से कटनी भेजी जा रही प्याज

कलेक्टर सतेन्द्र सिंह के निर्देश के बाद अनुभाग स्तर पर भी सख्ती नजर आने लगी है। मंगलवार को उचेहरा में नायब तहसीलदार शैलेन्द्र बिहारी शर्मा को एक ट्रक प्याज के निकलने की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर उन्होंने वाहनों की जांच शुरू की तो प्याज से लदा एक ट्रक पकड़ा गया। संदेह के आधार पर उसे थाने में खड़ा करवा लिया गया और प्रकरण मंडी को सौंपा गया। मंडी अधिकारियों की जांच में पाया गया कि सतना के प्याज कारोबारी संतोष ट्रेडर्स से यह प्याज कटनी के लिये भेजी जा रही थी। पूछताछ में बताया गया कि यह प्याज संतोष ट्रेडर्स ने अलवर राजस्थान से मंगसे मंगाई थी। इसके बाद सतना पहुंची प्याज का एक हिस्सा कटनी भेजा जा रहा था। मंडी अधिनियम के तहत यह मामला कार्रवाई के दायरे में नहीं आने से बाद में उसे छोड़ दिया गया। लेकिन इस कार्रवाई का असर यह हुआ कि सतना में प्याज कारोबारियों में हड़कम्प की स्थिति बन गई। जिसका असर प्याज की कीमतों में कमी के रूप में देखा गया।

सतना में आवक कम तो बाहर कैसे भेज रहे

जिस तरीके से राजस्थान अलवर से सतना पहुंची प्याज को कटनी भेजा जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि सतना में खपत से ज्यादा उपलब्धता है तभी अन्य जिलों में प्याज भेजी जा रही है। हालांकि मंडी अधिनियम से यह मामला कार्रवाई के दायरे में नहीं है लेकिन नेतिक कारोबारी सिद्धांत के विपरीत है। क्योंकि जब सतना में ही खपत है तो अन्य जिलों में कोई क्यों प्याज भेजेगा। हालांकि इस दिशा में भी प्रशासन अब विचार शुर कर चुका है।

इस तरह गिरे प्याज के दाम

इधर मंगलवार को जिला आपूर्ति अधिकारी पीएल राय के नेतृत्व में सहायक आपूर्ति अधिकारी आरसी अग्रवाल, नायब तहसीलदार आशुतोष मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन गांधी सब्जी भंडार (डिलौरा मंडी) एवं सिंधी कैम्प स्थित सब्जी मंडी में प्याज कारोबारियों के यहां दबिश दी गई। यहां किसी के यहां ओवर स्टाक तो नहीं मिला लेकिन प्याज की दरें दूसरे दिन कम रहीं। मसलन हरे माधव आलू भण्डार में प्याज 60 रुपये प्रति किलो, पप्पू आलू कंपनी में 70 रुपये, संतोष ट्रेडर्स में 60 रुपये, मनोज कुमार महेश कुमार 70, लोकचंद्र शंकरलाल 70 रुपये, मयंक ट्रेडिंग 70 रुपये दर पर कारोबार पाया गया। इसी तरह से सिंधी कैम्प में शिवराम शुक्ला के यहां 60 रुपये किलो, कृष्णा बेजीटेबल्स में 65 रुपये किलो, धर्मचंद गुप्ता, राजेन्द्र कुशवाहा, सोमचंद्र गुप्ता, कोदूलाल गुप्ता के यहां प्याज की कीमत 70 रुपये किलो रही। अंशिका सब्जी भंडार में 80 रुपये, अरविन्द बैजीटेबल कंपनी में 75 से 80 रुपये में कारोबार होना पाया गया। इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि प्याज की कीमतें अब प्रशासनिक दबाव में कम होनी शुरू हो रही हैं।

" प्याज कारोबार में जिस तरीके से लगातार कार्रवाई हो रही है उससे प्याज की कीमतें घट रही है। कार्रवाई अभी जारी रहेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई प्याज कारोबारी छिपाकर तो प्याज का स्टाक नहीं रखा है। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया है। अगर कहीं अनाधिकृत स्टाक मिलता है तो इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि वह कालाबाजारियों के लिए मिसाल बनेगी।"

- सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर

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Ramashanka Sharma
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