TEEN TALAQ: 5 में से 3 जजों ने दिया असंवैधानिक करार, कहा-6 महीने के अंदर संसद बनाए नया कानून

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार की सुबह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ये फैसला आजाद भारत का सबसे बड़ा फैसला है।

By: suresh mishra

Published: 22 Aug 2017, 02:55 PM IST

सतना। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार की सुबह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ये फैसला आजाद भारत का सबसे बड़ा फैसला है। पांच सदस्यीय बेंच ने तीन तलाक पर फैसला सुनाकर सबको चौंका दिया है। चीफ चस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले में दखल नहीं दे सकती है।

देश की संसद इस पर नया कानून बनाए। कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं को राहत देते हुए तीन तलाक पर ६ महीने के लिए रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली इस बेंच में जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे।

गौरतलब है कि, तीन तलाक के मुद्दे को लेकर यूपी चुनाव में फतह करने वाली केन्द्र की मोदी सरकार की सबसे बड़ी जीत है। सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को खत्म कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार 6 महीने के अंदर संसद में इसको लेकर कानून बनाए। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर के नेतृत्व में 5 जजों की पीठ ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट में तीन जज तीन तलाक को अंसवैधानिक घोषित करने के पक्ष में थे, वहीं 2 दो जज इसके पक्ष में नहीं थे।

सतना में भी हुए तीन तलाक
बता दें कि, इस तरह के दो मामले मध्य प्रदेश में सतना जिले के नजीराबाद इलाके में भी आ चुके है। जहां पर एक महिला को सोते समय उसके पति ने मोबाइल पर तलाक दे दिया। इसके बाद जहां ये महिलाएं एक-एक रोटी के लिए मोहताज है, वहीं इसका पति दूसरी शादी कर फिर से अपना घर बसा चुके हैं। जबकि दूसरा मामला भी नजीराबाद का ही है। यहां पीडि़त को मायके पहुंचने के एक दिन बाद ही पति ने उसे मोबाइल पर तलाक दे दिया। अपने तीन साल के मासूम बेटे को पालने के लिए अब खुशबू लोगों के घर में झाड़ू-पोंछा कर अपना जीवन बसर कर रही है।

केस-1: सोते समय दे दिया तलाक
सतना जिले में पहला मामला नजीराबाद स्थित शबाना निशा का एक साल पहले आया था। शबाना ने पत्रिका को बताया कि उसकी शादी 7 जुलाई 2013 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बसौदा गांव निवासी सलीम सौदागर के साथ हुई थी। शादी के एक साल बाद उसको सोते समय पति ने तलाक दे दिया। सोकर उठने के बाद तलाक देने की बात जब शबाना की देवरानी ने उसे बताई तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई।

केस-2: पहले प्रताडऩा, फिर तलाक
सतना जिले में दूसरा मामला भी नजीराबाद का ही है। बताया गया कि खुशबू की शादी 7 जून 2007 में इलाहाबाद के निरियारी गांव निवासी शाह आलम के साथ हुई थी। शादी के दो साल बाद से ही ससुराल पक्ष ने दहेज के लिए प्रताडि़त करने लगे। इस बीच उसके एक बेटा हो गया, फिर भी अत्याचार कम नहीं हुए और उसे जबरदस्ती घर से निकाल दिया गया। मायके पहुंचने के बाद एक दिन उसे सेल फोन से तलाक दे दिया।

suresh mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned