बिहार-UP होकर MP पहुंचा जापानी दिमागी बुखार, एक महिला ने तोड़ा दम, जानिए कैसे फैलता है वायरस

बिहार-UP होकर MP पहुंचा जापानी दिमागी बुखार, एक महिला ने तोड़ा दम, जानिए कैसे फैलता है वायरस

suresh mishra | Publish: Sep, 11 2018 11:57:31 AM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

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सतना। उत्तर प्रदेश और बिहार में फैले जापानी बुखार यानी इंसेफेलाइटिस वायरस ने सतना में दस्तक दे दी है। यह वायरस इचौल निवासी महिला में निकला है। एन्सेफलाइटिस वायरस से संक्रमित होने के कारण सोमवार को महिला ने दम तोड़ दिया। चिकित्सक भी दबी जुबान महिला को एन्सेफलाइटिस वायरस से संक्रमित होने की बात कह रहे हैं।

बताया गया कि इचौल निवासी रामबाई कुशवाहा पति चुनवारा को बुखार के बाद शरीर में अकडऩ, सिर दर्द की शिकायत पर सिविल अस्पताल मैहर में दाखिल कराया गया। चिकित्सकों की मानें तो महिला बुखार के बाद कोमा में चली गई थी। तबीयत बिगडऩे पर चिकित्सकों ने उसको 8 सितंबर को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।

बीमारी का कारण
धान के खेतों में पनपने वाले मच्छरों (प्रमुख रूप से क्युलेक्स ट्रायटेनियरहिंचस समूह) के काटने से यह बीमारी फैलती है। यह मच्छर जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं। जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस से संक्रांत पालतू -सूअर और जंगली पक्षियों के काटने पर मच्छर संक्रांत हो जाते हैं। इसके बाद संक्रांत मच्छर पोषण के दौरान जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस काटने पर मानव और जानवरों में जाते हैं।

कोई विशेष चिकित्सा नहीं

जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस पालतू -सूअर और जंगली पक्षियों के रक्त प्रणाली में परिवर्धित होते हैं। जापानी एन्सेफलाइटिस के वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता है। इसकी कोई विशेष चिकित्सा नहीं है। गहन सहायक चिकित्सा की जाती है। यह रोग अलग-अलग देशों में अलग-अलग समय पर होता है। क्षेत्र विशेष के हिसाब से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले, वहां प्रतिनियुक्त सक्रिय ड्यूटी वाले सैनिक और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वालों को यह बीमारी अधिक होती है।

रीड के हड्डी का पानी निकाल होती है जांच
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो रीड़ की हड्डी का पानी निकाल कर जापानी बुखार की जांच की जाती है। इसकी जांच सुविधा सभी संस्थानों में उपलब्ध नहीं है। जांच की सुविधा देश के चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में मौजूद है।

जापानी बुखार के लक्षण
चिकित्सकों की मानें तो पीडि़त के हल्के संक्रमित होने पर सिर में दर्द, बुखार आता है। अत्यधिक संक्रमित होने पर तेज बुखार, शरीर में अकडऩ, घबराहट, ऐंठन, कोमा में चले जाने सहित अन्य लक्षण सामने आते हैं।

मिल रहे बीमारी से लक्षण
परिजनों ने बताया कि महिला को बुखार आ रहा था। सिर दर्द और शरीर में अकडऩ की शिकायत भी थी। परिजन ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया पर आराम नहीं मिला। इसके बाद 8 सितंबर को मैहर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक महिला की हालत नाजुक हो चुकी थी। इलाज आरंभ होने के कुछ ही देर बाद महिला कोमा में चली गई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दो दिन इलाज के बाद महिला की मौत हो गई।

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