... जब मुन्नी बनी मध्यप्रदेश सरकार की रियल हीरो

ठंड भरी शाम में घर से गायब हुई बदहवास घूम रही किशोरवय लड़की को सुरक्षित बचाने वाली मुन्नी का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान

By: Ramashanka Sharma

Published: 12 Jan 2021, 09:28 AM IST

सतना. शाम को करीब 6 बज रहे थे। अंधेरा होने को था। ठंड भरी शाम में गांव में आवाजाही भी कम होने लगी थी। इसी बीच मझगवां भट्टा गांव में एक किशोरवय बालिका बदहवास हालत में घूम रही थी। तभी इस बालिका पर गांव की ही मुन्नीबाई की नजर उस पर पड़ी। बालिका से मुन्नी पूछताछ की तो वह कुछ स्पष्ट नहीं बता सकी। हालात की नजाकत को समझते हुए मुन्नी उस बालिका को अपने साथ ले आई और दो दिन तक न केवल अपने साथ सुरक्षित रखा बल्कि उसके परिजनों की तलाश की और पुलिस को भी सूचित किया। यह सत्यकथा प्रदेश स्तरीय जनजागरुकता अभियान ‘सम्मान’ के प्रदेशव्यापी शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के संज्ञान में आई तो उन्होंने मुन्नीबाई से संवाद करते हुए कहा कि आप धन्य हैं मुन्नीबाई, आपने एक मासूम बालिका की रक्षा कर अपना कर्तव्य पूरा किया है। आप मध्यप्रदेश सरकार की और समाज की असली हीरो आप हैं। मुख्यमंत्री ने महिला अपराध को रोकने और बेटियों की सुरक्षा में अतुलनीय सहयोग देने पर मुन्नीबाई को राज्य शासन की ओर से प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया।

सम्मान अभियान का शुभारंभ
महिला अपराध से सुरक्षा और सम्मान के लिए संचालित होने जा रहे प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान ‘सम्मान’ का शुभारंभ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर महिला अपराध से सुरक्षा के मामले में अतुलनीय योगदान देनी वाली महिलाओं के नाम प्रदेश भर से चाहे गए थे। इसमें से पांच सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाली महिलाओं से सीएम ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सीधी बात की। इसमें सतना के मझगवां भट्ठा निवासी मुन्नीबाई कोल भी एक रहीं। सतना से चर्चा की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने इस घटना का संक्षिप्त ब्यौरा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरी कहानी मुन्नी बाई की जुबानी सुनी।

कहानी मुन्नी की जुबानी

मुन्नी ने बताया कि 11 दिसंबर 2020 को वो लड़की गांव में यूं ही घूमते दिखी। शंका होने पर जाकर बात की तो वह लड़की अर्धविक्षिप्त जैसी लगी। इस पर लगा कि ऐसे ही छोड़ देंगे तो कुछ हादसा न हो जाए। इसलिए उसे अपने साथ घर ले गए। यहां भी पूछताछ की लेकिन लड़की कुछ अपने बारे में बता नहीं पा रही थी। फिर खाना खिलाकर अपने साथ ही सुलाया। सुबह होने पर बेटे से कहा कि इसकी फोटो खींच कर मोबाइल में वाट्सअप में डाल दो शायद किसी को पता चल जाए। इस दौरान लड़की से गांव घर मां बाप की जानकारी लेते रहे लेकिन वह बता नहीं पा रही थी। दो दिन गुजर गए लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीसरे दिन बेटे की वाट्सअप वाली फोटो पुलिस को मिल गई और पुलिस ने हमसे संपर्क किया। फिर पुलिस उसे अपने साथ ले गई और बात में पता चला कि वो बिटिया बरा गांव की थी और सकुशल अपने घर पहुंच गई है। यह पूरी कहानी सुन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आप धन्य हो मुन्नीबाई, आपने घर, परिवार से बिछड़ी बेटी को मां की तरह सुरक्षा दी और 2-3 दिन तक परवरिश की। आप जैसी बहनें हीं समाज की असली हीरो हैं। फिर कहा कि आपक मेरी ओर से सम्मानपत्र जिले में कलेक्टर एसपी देंगे।
दिया सम्मान पत्र
वीडियो कान्फ्रेंस के बाद प्रभारी कलेक्टर अमनवीर सिंह और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने मुन्नीबाई को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानपत्र दिया।
जिप्सी में बैठा कर निकाला सम्मान जुलूस
शाम को पुलिस और महिला बाल विकास विभाग ने प्रदेश की रियल हीरा मुन्नीबाई के प्रति सम्मान प्रकट करने उन्हें जिप्सी में बैठाकर शहर में सम्मान जुलूस निकाला। इस दौरान मार्चपास्ट कर सम्मान भी प्रदर्शित किया गया।

Ramashanka Sharma
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