World stationary day: जीवन की खुरदरी राहों को समतल करती स्टेशनरी

World stationary day: जीवन की खुरदरी राहों को समतल करती स्टेशनरी

By: suresh mishra

Published: 25 Apr 2018, 05:14 PM IST

सतना। कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, कटर, बैग, बॉक्स, पेपर-पिन, नोटपैड, बुक्स इनके बिना बचपन ही नहीं बुढ़ापा भी अधूरा है। बचपन में ये खुरदुरी राहों को समतल बनाने में हमारी मदद करते हैं। जबकि बड़े में ये हमारे हमसफर और मार्गदर्शक के तौर पर काम करती हैं। देखा जाए तो हमारा सारा जीवन ही इसी के इर्द-गिर्द घूमता है। देखते ही देखते शहर में करोड़ों का व्यापार भी हो रहा है। घर, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस कौन सी एेसी जगह होगी जहां पर स्टेशनरी की जरूरत न पड़े।

करोड़ों का करोबार
शहर में स्टेशनरी का व्यापार करोड़ों का है। मार्च से अगस्त के बीच तो स्कूल, कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच इनकी डिमांड सबसे अधिक होती है। हर दिन सैकड़ों परिवार बच्चों के साथ स्टेशनरी शॉप पर जाकर बुक, कापी मिलाकर हजारों का सामान खरीदते हैं। सिर्फ स्कूल बैग, पेंसिल बॉक्स, रबर, कटर, पेन, पटरी ही खरीदारी पांच सौ के करीब पहुंच जाती है। शहर में लगभग बड़ी स्टेशनरी की शॉप 20 से अधिक हैं जबकि छोटी दुकानों की कोई गिनती ही नहीं।

स्टेशनरी पर कार्टून की छाप
स्टेशनरी की डिमांड इस कदर बढ़ चुकी है कि इसमें हर साल कुछ नया इनोवेशन किया जा रहा है। अब स्टेशनरी के हर प्रोडक्ट में बच्चों के कार्टून की छाप दिखनी लगती है। पैरेंट्स भी बच्चों को आकर्षक स्टेशनरी का लालच देकर पढ़ाई करने, स्कूल जाने के लिए प्रेरित करते हैं। यही नहीं आर्टशीट, कलर पेन तो बच्चों की सबसे फेवरेट स्टेशनरी है। जिसे वह सुबह से शाम तक लेकर घूमते हैं।

पेंसिल के सहारे बड़े होते बच्चे
आपको याद होगा कि बचपन में बच्चों की सबसे फेवरेट पेंसिल होती है। एक हाथ में मां की अंगुली तो दूसरे हाथ पर पेंसिल का साथ सालों तक मददगार बना रहता है। ये पेंसिल बच्चों की इतनी फेवरेट होती है कि इसमें हर साल नए-नए डिजाइन देखने को मिलते हैं। यही बच्चों का अट्रैक्शन होता है। एक बार बचपन में बच्चों को खिलौने न मिले पर हर बच्चा स्टेशनरी के साथ बड़ा होता है। रंग बिरंगी पेंसिल, मल्टी कलर रबर, कटर , पेन, नोट्स बुक, स्कूल बुक, स्टेपलर, पेपर पिन, कवर, बैग, बॉक्स और न जाने क्या क्या सामग्री हर पल हमारा साथ देती है।

ऑफिस में सब-कुछ सूना सूना
भले ही आज दफ्तर हाइ-प्रोफाइल हो गए हों, कॅप्यूटर, लैपटाप से काम होने लगा है। पर जरूरी कागजात का प्रिंट रेकॉर्ड करने के लिए पेपर की जरूरत तो होती ही है। पेपर पिन, स्टेपलर, पेन, नोट्सबुक, डायरी और बहुत कुछ। इनके बिना तो हर किसी का काम सूना हो जाएगा।

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