एनीमिया से लडऩे के लिए संतुलित आहार जरूरी

एनीमिया से लडऩे के लिए संतुलित आहार जरूरी
Yuvati Program in Anupama school

Jyoti Gupta | Publish: Apr, 21 2019 08:09:39 PM (IST) | Updated: Apr, 21 2019 08:09:40 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

अनुपमा में युवती कार्यक्रम

सतना. अनुपमा एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित स्कूल में युवती कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 11 से 14 साल तक की बालिकाओं को एनीमिया की कमी से संबंधित जानकारी दी गई। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन जैन ने एनीमिया रोग की बालिकाओं को बताया कि एनीमिया का अर्थ है शरीर में खून की कमी। हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन एक ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा को बताता है। जब हीमोग्लोबिन कम होता है, तभी हम एनीमिया का शिकार हो जाते हैं। बेटियां खाने-पीने में ध्यान नहीं देती, इसलिए एनीमिया की शिकार हो जाती हंै। उन्होंने कहा कि आहार का सेहत पर बहुत असर पड़ता है। किशोरावस्था में संतुलित आहार की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। सभी को मापदंड के अनुसार ही भोजन लेना चाहिए। उन्होंने इस रोग के अनेक लक्षण बताए। कहा, अगर किसी बालिका की त्वचा सफेद दिखती है, कमजोरी और बहुत अधिक थकावट होती है, चक्कर आना, सांस फू लना, पैरों पर सूजन दिखाई दे तो उसे एक बार एनीमिया का जांच जरूर करवाना चाहिए। खाने में लौह तत्व, विटामिन ए और सी युक्त पदार्थ खाएं। काली चाय एवं काफ ी पीने से बचने की सलाह भी दी। सोसाइटी की सचिव डॉ. शैला तिवारी ने कहा कि बालिकाओं को अपने खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अवस्था में मूली, गाजर, टमाटर, खीरा, सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए।

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