VIDEO: 8वीं बोर्ड: शिक्षकों पर मेहरबान शिक्षा विभाग

Subhash Mishra | Updated: 02 Aug 2019, 03:34:07 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

8वीं बोर्ड: शिक्षकों पर मेहरबान शिक्षा विभाग

सवाईमाधोपुर. सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से भले ही 8वीं बोर्ड परीक्षा में डी ग्रेड लाने वाले स्कूलों के संस्था प्रधान व संबंधित विषयाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हो लेकिन जिले में हालात कुछ ओर ही नजर आ रहे है। जिले के खण्डार, बौंली, बामनवास, सवाईमाधोपुर, चौथकाबरवाड़ा व गंगापुरसिटी ब्लॉकों के करीब 60 स्कूलों में पिछले साल आठवीं बोर्ड परीक्षा में खराब परिणाम रहा था और छात्रों के डी ग्रेड आई थी लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ब्लॉक के स्कूलों में कोई कार्रवाई नहीं की।
पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में 2 हजार 683 विद्यार्थियों के 8वीं बोर्ड परीक्षा में डी ग्रेड आई थी लेकिन पूरे वर्ष शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक संस्था प्रधानों व विषयाध्यापकों के प्रति मेहरबान रहे। यही वजह रही कि संबंधित स्कूलों व विषयाध्यापकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। विशेषतौर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्था प्रधान व शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नहीं आई सॉफ्ट कॉपी
पिछले साल जिले में ढाई हजार से अधिक विद्यार्थियों के 8वीं बोर्ड परीक्षा में डी ग्रेड आई थी, जबकि इस बार आठवीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा परिणाम आठ जून को घोषित हो गया था। इसके डेढ़ माह बाद भी डाइट के पास ग्रेडिंग सिस्टम की सूची नहीं आई है। डाइट से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेडिंग की सूची माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से आती है लेकिन अब तक नहीं भेजा है।

नोटिस तक नहीं
प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र आठवीं बोर्ड के तहत डी ग्रेड सबसे नीचले स्तर की श्रेणी होती है। इसमें 40 फीसदी तक विद्यार्थी शामिल रहते है। पिछले साल डी ग्रेड वाले विषयाध्यापकों को खराब रिजल्ट के बाद भी नोटिस तक नहीं दिया गया।

विषयाध्यापक की लापरवाही से रहते है पीछे
आठवीं बोर्ड परीक्षा में अमूमन गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों का ही परीक्षा परिणाम कमजोर होता है। संबधित विषध्यापक ही विद्यार्थियों के पढ़ाई के स्तर को उच्च श्रेणी में लाने का कार्य करते है लेकिन विषयाध्यापकों की लापरवाही से ही विद्यार्थी फीसड््डी साबित हो रहे है। सरकारी आदेशों में तो संबंधित विषय का रिजल्ट खराब होने पर शिक्षक जिम्मेदार होते है लेकिन शिक्षा विभाग इन विषयों के अध्यापकों के प्रति ज्यादा ही मेहरबान साबित हो रहे है।

फैक्ट फाइल
-पिछले साल जिले में पंजीयन छात्रों की संख्या-26 हजार 783
-आठवीं बोर्ड में परीक्षा दी-26 हजार 419
-डी ग्रेड वालों विद्यार्थियों की संख्या 2 हजार 683
- सी ग्रेड वाले विद्यार्थियों की संख्या-10 हजार 219
- इस वर्ष जिले में पंजीकृत छात्रों की संख्या-24 हजार 735
-आठवीं बोर्ड की परीक्षा दी-24 हजार 430
-14 मार्च से शुरू हुई थी परीक्षा
-13 हजार 447 छात्रों ने दी थी परीक्षा
-10 हजार 990 छात्राएं थी परीक्षा में शामिल।

ये होती है ग्रेड की प्रक्रिया
-40 फीसदी तक वाले को-डी ग्रेड
-41 से 60 प्रतिशत तक-सी ग्रेड
-61 से 75 प्रतिशत तक-बी ग्रेड
-75 से 90 प्रतिशत तक-ए ग्रेड
-90 से अधिक प्रतिशत तक- एक प्लस ग्रेड
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इनका कहना है
डी ग्रेड वाले विषयाध्यापकों के खिलाफ विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संस्था प्रधानों को पाबंद किया जाएगा। पिछले साल की डी ग्रेड वाले शिक्षकों के बारे में जानकारी लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामखिलाड़ी बैरवा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, सवाईमाधोपुर
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करेंगे कार्रवाई
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन जिन सरकारी स्कूलों में 8वीं बोर्ड में न्यून परिणाम दिया है, उन विषयाध्यापकों के खिलाफ जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
मिथलेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सवाईमाधोपुर

नहीं आई सॉफ्ट कॉपी
इस बार 8वीं बोर्ड परीक्षा की ग्रेड सूची माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से नहीं आई है। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को अवगत कराया है।
सुनील वर्मा, प्रभारी, डाइट, सवाईमाधोपुर

वीडियो....
-ठींगला में तहसील रोड पर संचालित डाइट।

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