तत्कालीन तीन आयुक्त सहित 13 पर एसीबी का शिकंजा

तत्कालीन तीन आयुक्त सहित 13 पर एसीबी का शिकंजा

By: murlidhar sharma

Updated: 22 Aug 2017, 08:16 PM IST

सवाईमाधोपुर . बजरिया स्थित सब्जी मण्डी में कुछ दुकानों पर कब्जा बताकर नियम विरुद्ध तरीके से नियमन कर पट्टे जारी करने के मामले में सोमवार को एसीबी में नगरपरिषद के तत्कालीन एक सभापति, तीन आयुक्त, जेईएन सहित १३ कर्मचारियों व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्दन बारहट ने बताया कि इसमें नगर परिषद के तत्कालीन कनिष्ठ लेखाकर व कार्यवाहक आयुक्त इकरामुद्दीन निवासी राजबाग शहर, तत्तकालीन सभापति कमलेश जैलिया, तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक प्रहलाद नारायण मीणा निवासी बिलोणा कलां लालसोट, तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता प्रदीप मीणा निवासी कटकड़ हिण्डौन, तत्कालीन आयुक्त जितेन्द्र शर्मा निवासी ब्रह्मपुरी, पंचायत समिति रोड दौसा, तत्तकालीन आयुक्त पंकज कुमार मंगल निवासी ८०, श्रीनिवास मील गंगापुर सिटी, तत्तकालीन कनिष्ठ अभियंता चन्द्रमोहन कौशिक निवासी मासलपुर करौली, इस्लामुद्दीन निवासी शहर अंसारी मोहल्ला, हरीश निवासी बजरिया, किशनचंद निवासी स्टेशन बजरिया, रामचन्द्र निवासी आलनपुर, पुरूषोत्तम दास मलानी निवासी स्टेशन बजरिया तथा भगवानदास दास सिंधी निवासी एमपी कॉलोनी का आरोपित बनाया है।
यह था मामला
एसीबी एएसपी बारहट ने बताया कि इस संबंध में सत्यनारायण जेलिया ने परिवाद दिया था। इस में कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें बजरिया सब्जी मंडी की दुकानों का गलत तरीके से नियम का मामला भी था। ब्यूरो में अप्रेल माह में दर्ज परिवाद संख्या १११/ २०१६ में वर्णित आरोपों के सत्यापन पर सब्जी मण्डी बजरिया में इस्लामुद्दीन, हरीश, किशनचंद, रामचन्द्र, पुरूषोत्तम व भगवानदास सिंधी की दुकान का कब्जा बताकर नियमन कर नियम विरुद्ध तरीके से नगर परिषद में पद स्थापित कार्यवाहक आयुक्त इकरामुद्दीन हाल सेवानिवृत्त, तत्कालीन सभापति कमलेश जैलिया, कनिष्ठ लिपिक प्रहलाद नारायण मीणा हाल सेवानिवृत्त, कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार मीणा, आयुक्त जितेन्द्र कुमार शर्मा, आयुक्त पंकज मंगल, कनिष्ठ अभियंता चन्द्रमोहन कौशिक ने आपसी मिलीभगत कर पट्टा जारी करने के आरोप पाए जाने पर आरोपितों के विरुद्ध ब्यूरो मुख्यालय जयपुर से अपराध के तहत रिपोर्ट होकर प्राप्त हुआ है। इसकी जांच जारी है।
क्या अनियमिता बरती गई...
एसीबी अधिकारियों के अनुसार दुकानों के नियमन में निम्न अनियमिता बरती गई।

बजरिया सब्जी मंडी में नगर परिषद की जमीन है, जो वर्षों से खाली पड़ी हुई थी। आरोप है कि नामजद दुकानदारों ने इस जमीन पर अपना कब्जा होने का नगर परिषद में दावा पेश किया था। एसीबी जांच में पाया कि मौके पर आरोपित दुकानदारों का कोई स्थायी कब्जा नहीं था। फिर भी नगर परिषद अधिकारियों ने स्थायी कब्जा मानते हुए मिलीभगत कर उनके नाम से नियमन कर दिया।
२. एससीबी के अनुसार परिवाद की जांच में ये भी पाया कि मौके पर पक्की दुकानें नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद जेईएन व अन्य कार्मिकों ने गलत रिपोर्ट पेश की कि वहां पक्की दुकानें बनी हुई है। ऐसे में इस मामले में दो जेईएन को भी आरोपित बनाया गया।
एससीबी के अनुसार स्थानीय नगर परिषद अधिकारियों के पास डीएलबी से कोई आदेश भी नहीं थे, जिसमें ये कहा गया हो कि रसीद काटकर दुकानों का नियमन कर दिया जाए।
परिषद की करोड़ों की जमीन पर पांच दुकानों का दिया था पट्टा

&इस प्रकरण के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। ना ही एसीबी की ओर से कोई जानकारी दी गई है। प्रकरण पुराना है, देखने पर ही पता चलेगा।
-जितेन्द्र शर्मा, तत्कालीन नगर परिषद आयुक्त

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