scriptArrowhead's cubs have disappeared before | रणथम्भौर में पहले भी गायब हो चुके हैं एरोहैड के शावक | Patrika News

रणथम्भौर में पहले भी गायब हो चुके हैं एरोहैड के शावक

पहले भी गायब हो चुके हैं एरोहैड के शावक
नालघाटी वन क्षेत्र से हुए थे गायब
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में एक ओर तो बाघिन टी-63 ने शावकों को जन्म देकर बाघों का कुनबा बढ़ाया है लेकिन बाघिन एरोहैड यानि टी-84 के शावकों के पिछले चार माह से नजर नहीं आने से वन विभाग की चिंताए भी बढ़ गई है।

सवाई माधोपुर

Published: November 08, 2021 09:14:54 am

पहले भी गायब हो चुके हैं एरोहैड के शावक
नालघाटी वन क्षेत्र से हुए थे गायब
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में एक ओर तो बाघिन टी-63 ने शावकों को जन्म देकर बाघों का कुनबा बढ़ाया है लेकिन बाघिन एरोहैड यानि टी-84 के शावकों के पिछले चार माह से नजर नहीं आने से वन विभाग की चिंताए भी बढ़ गई है। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब बाघिन एरोहैड के शावक लापता हुए हैं। इससे पहले भी एक बार बाघिन एरोहैड के शावक लापता हो चुके हैं जिनका वन विभाग को आज तक कोई सुराग नहीं लग सका है। ऐसे में बार-बार बाघिन के शावक लापता होने से वन विभाग की मॉनिटरिंग व टे्रकिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
2018 में लापता हुए थे पहली बार शावक
वन विभाग के अनुसार बाघिन एरोहैड पूर्व में पहली बार 2018 में मां बनी थी। 22 फरवरी 2018 को बाघिन एरोहैड के साथ पहली बार दो नन्हे शावक नजर आए थे। उस समय शावकों की उम्र करीब एक माह की ही थी। रणथम्भौर के इतिहास में यह पहला मौका था जब कोई बाघिन एक माह से भी कम उम्र के शावकों के साथ नजर आई थी। हालांकि कुछ दिन बाद ही एरोहैड के पहले लिटर के शावक वन विभाग की नजरों से ओझल हो गए थे।
अब तक तीन बार बन चुकी मां
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघिन एरोहेड अब तक तीन बार मां बन चुकी है। 2018 में पहली बार एरोहेड ने साल में दो शावकों को जन्म दिया था। ये शावक नालघाटी पर बाघिन के साथ दो शावक नजर आए थे। वे भी कुछ दिनों के बाद लापता हो गए जिनका आज तक वन विभाग कुछ पता नहीं लगा सका। इसके बाद साल 2019 में बाघिन ने दो फीमेल शावकों को जन्म दिया जिन्हें रिद्धी व सिद्धी के नाम से जाना जाता है। पूर्व में वन विभाग की ओर से इन्हें टी.123 व टी.124 नम्बर दिए थे। यह बाघिने वर्तमान में जोन तीन व चार में विचरण करती है। इसके बाद 23 जुलाई 2021 को बाघिन एरोहैड नालघाटी वन क्षेत्र में दो शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई थी।हालांकि बाद में बाघिन तीन शावकों के साथ नजर आई थी। ऐसे में बाघिन के तीन शावकों को जन्म देने की पुष्टि हुई थी। हालांकि अब ये शावक भी नजर नहीं आ रहे हैं।
यह है एरोहेड का इतिहास
बाघिन एरोहड यानि टी-8 4बाघिन कृष्णा यानि टी.19 की बेटी और रणथम्भौर की प्रसिद्ध बाघिन टी.16 यानि मछली की दोहती है। पहली बार बाघिन एरोहेड 23 मार्च 2014 को नेचर गाइड रामसिंह मीणा व यूके के पर्यटक ओलविर गेल को नजर आई थी। बाघिन की उम्र करीब सात साल है। वर्तमान में यह बाघिन जोन तीन व दो में विचरण करती है।
इनका कहना है....
यह सही है कि पूर्व में भी एक बार बाघिन एरोहैड के शावक लापता हो चुके है। अभी कई माह से एरोहैड के शावक नजर नहीं आ रहे हैं। कई बार बाघ-बाघिन कई माह तक नजर नहीं आते हैं।
- संजीव शर्मा, एसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।
फोटो कैप्शन....
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में बाघिन एरोहैड के साथ शावक।(फाइल फोटो)
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