औसत बारिश का आंकड़ा छू गया जिला

औसत बारिश का आंकड़ा छू गया जिला
चौथकाबरवाड़ा-शिवाड़ मार्ग पर बनास रपट से तेज गति से बहता पानी।

Rakesh Verma | Updated: 23 Aug 2019, 12:52:43 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

औसत बारिश का आंकड़ा छू गया जिला

सवाईमाधोपुर. जिले में इस वर्ष अब तक अच्छी बारिश हुई है। इसके चलते जिला वार्षिक औसत बारिश के आंकड़े को छू गया है। यहां अब तक जिले की वार्षिक औसत 650 है। इसके मुकाबले अब तक 650.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सावन महीना बीतने के बाद का पूरा महीना बाकी है। जिले में 14 अगस्त तक साढ़े 531 मिमी औसत बारिश हुई थी, जो बढ़कर आठ दिन 650.5 पर पहुंच गई है। इसके बाद अब भी बारिश का दौर जारी है।


बढ़ गया भू-जलस्तर
क्षेत्र में अच्छी बारिश से भू-जलस्तर भी बढ़ा है। जानकारों के अनुसार रिमझिम बारिश से पानी बहकर निकलने के बजाए जमीन में जमा हो जाता है। इससे भूजल स्तर बढ़ता है। इससे नदी-नालों, तालाब, बावड़ी व अन्य जलाशयों में पानी बढ़ गया है।


रीता पड़ा आकोदिया बांध
जिला भले ही औसत बारिश के करीब पहुंच गया हो लेकिन बांधों को अब भी पानी की दरकार है। तीन बांधों को छोड़कर शेष 15 बांधों में अब भी कुछ बांध खाली है। बामनवास क्षेत्र का आकोदिया बांध तो अब तक रीता पड़ा है। ढील बांध, गिलाई सागर व नागोलाव बांध में ही चादर चली है। जिले के अधिकांश बांधों में अब तक हुई बारिश से पानी तो आया है, लेकिन वे अभी पूरे भरने से दूर है।


बनास रपट से बह रहा पानी
क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद डिडायच बनास नदी रपट पर इन दिनों पानी भर गया है। बीसलपुर बांध के गेट खोलने के बनास रपट से तेज गति से पानी का बहाव हो रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार तेज गति से आ रहे पानी से चौथकाबरवाड़ा से शिवाड़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई है।


एनिकट की पाल बही
मलारना डूंगर. करेल गांव के निकट मोरेल नदी में कच्ची मिट्टी से मनरेगा योजना में बना एनिकट बुधवार अद्र्धरात्रि को पानी का दबाव बढऩे को टूट गया। ऐसे में पानी के साथ एनिकट की पाल भी बह गई। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत करेल द्वारा मोरेल नदी पर मनरेगा योजना के तहत एनिकट का निर्माण किया गया था। मापदंडों को नजरअंदाज कर तेज वेग से बहने वाली मोरेल नदी में बालू मिट्टी की पाल बांध कर पानी रोका गया था। हाल ही में मोरेल बांध भरने के बाद ओवरफ्लो का पानी मोरेल नदी में पहुंचा और करेल गांव के पास एनिकट में जमा होने लगा।

पानी का स्तर बढ़ता देख गांव के हंसराज मीना, धर्मराज मीना, देशराज मीना, हरिसिंह गुर्जर, जगदीश मीना, दिनेश मीना, गिर्राज मीना आदि ने लोडर से एनिकट की पाल पर मिट्टी डाल कर पानी को रोकने का प्रयास किया। दिन भर ग्रामीण पाल की मरम्मत कर टूटने से रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन अद्र्धरात्रि बाद पाल बह गई। इस सम्बंध ग्राम विकास अधिकारी आशाराम मीणा का कहना है कि मनरेगा में एनिकट निर्माण हुआ था। कितनी लागत आई थी, यह में फाइल देख कर ही बता सकता हूं। फाइल ग्राम पंचायत में है।


अब तक 650.5 मिमी बारिश हो चुकी है। अच्छी बारिश के बाद जिला वार्षिक औसत बारिश के आंकड़े को पार कर जाएगा।
विनोद शर्मा, कलक्ट्रेट बाढ़ नियंत्रण कक्षा प्रभारी, सवाईमाधोपुर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned