गांवों में जलभराव का बढ़ा खतरा

गांवों में जलभराव का बढ़ा खतरा
गांवों में जलभराव का बढ़ा खतरा

Abhishek Ojha | Updated: 15 Sep 2019, 08:48:57 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

बनास में पानी की आवक जारी

मलारना डूंगर. बीसलपुर बांध में लगातार पानी की आवक के चलते बांध के 17 गेट खोल कर पानी छोडऩे से बनास नदी अपने रौद्र रूप में बह रही है। बनास के पास वाले गांवों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। वहीं निचले इलाकों में बनास का पानी खेतो में भरने से फसलें तबाह हो गई। जिला कलक्टर के निर्देश पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार बनास नदी के आसपास बसे गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को नदी के पास नहीं जाने के लिए चेतावनी दी है। रविवार को मलारना डूंगर तहसीलदार कृष्णमुरारी मीणा ने गिरदावर घनश्याम मीणा व हलका पटवारी प्रेमराज गुर्जर के साथ गोखरू पूरा, बाढ़ बिलोली, श्यामोली आदि गांवों का दौरा कर बनास नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ ही स्थानीय हालातों का जायजा लिया। इस दौरान तहसीलदार ने मलारना स्टेशन-ओलवाड़ा मार्ग पर रपट पर पानी का बहाव देखने आए लोगों से बात कर उन्हें पानी से दूर रहने के लिए समझाइश की, लेकिन तहसीलदार की समझाइश का सैलानियों पर कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीण सड़क पर बहते पानी में नहा कर मौज मस्ती करते नजर आए।

छोटी बनास में आया पानी, टापू बना कांटड़ा
बनास में लगातार जलस्तर बढऩे से रविवार सुबह से छोटी बनास में भी पानी बहने लगा है। इससे अब बनास नदी किनारे बसा मलारना डूंगर थाना इलाके का बिलोली कांटड़ा (कीरो की ढाणी) व सपोटरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हाड़ौती का कांटड़ा क्षेत्र पानी में घिर कर टापू बन गया है। बीसलपुर बांध से गेट खोल कर पानी निकासी से रविवार देर तक नदी का जलस्तर बढऩे से कांटड़ा में बसे लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है। 2016 में भी इन लोगो को सेना की मदद से बाहर निकाला गया था।

सुरक्षा के नहीं बंदोबस्त
लोग पानी देखने के लिए नदी किनारे पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं लोग अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतर कर नहाने के साथ ही सेल्फी भी ले रहे हैं, लेकिन बनास नदी के आस पास सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नजर नहीं आ रहे हैं।

फसलें डूबी, किसानों के निकले आंसू
बनास में पानी बढऩे से श्यामोली, बाढ़ बिलोली, भूरीपहाड़ी गांवों में नदी किनारे खेतों में पानी भरने से तिल व बाजरे की फसलें डूब गई। कई किसानों की कटी हुई बाजरे की फसल नदी के बहाव के साथ पानी में बह गई। भूरीपहाड़ी निवासी राजकुमार ने बताया कि यहां ऊपरी इलाकों में पहले ही अधिक वर्षा से फसल नष्ट हो चुकी है। निचले इलाके में बाजरे की फसल पानी में डूबने से नष्ट हो गई। गिरदावर घनश्याम मीना ने बताया कि नदी के पानी में डूबने से लगभग डेढ़ सौ बीघा से अधिक बाजरे की फसल डूबी है। बनास में पानी उतरने के बाद ही वास्तविक फसल खराबे का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इनका कहना है
जिले में अलर्ट घोषित है। गांवों में जाकर लोगों को पानी के पास नहीं जाने के लिए समझ रहे हैं। कुछ स्थानों पर जहां पानी देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो रही है, वहां पुलिस जाप्ता तैनात करेंगे।

कृष्णमुरारी मीणा, तहसीलदार, मलारना डूंगर

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