अनदेखी से शहर बन रहा तलैया

अनदेखी से शहर बन रहा तलैया

Rajeev Pachauri | Publish: Sep, 07 2018 05:12:41 PM (IST) Gangapur City, Rajasthan, India

गंगापुरसिटी . शहर में सामान्य बारिश ने ही शहर के हाल असामान्य कर दिए हैं। जगह-जगह जलभराव ने परिषद और प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के यह हालात एक दिन में नहीं हुए हैं, बल्कि कथित अतिक्रमण ने शहर को तलैया बना दिया है। अतिक्रमण की भेंट चढ़े ओवरफ्लो चैनल के कारण शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इस समस्या के मूल से प्रशासन भी अनजान नहीं है, लेकिन प्रशासन की मृूक स्वीकृति इसे बढ़ावा देती नजर आ रही है।

गंगापुरसिटी . शहर में सामान्य बारिश ने ही शहर के हाल असामान्य कर दिए हैं। जगह-जगह जलभराव ने परिषद और प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के यह हालात एक दिन में नहीं हुए हैं, बल्कि कथित अतिक्रमण ने शहर को तलैया बना दिया है। अतिक्रमण की भेंट चढ़े ओवरफ्लो चैनल के कारण शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इस समस्या के मूल से प्रशासन भी अनजान नहीं है, लेकिन प्रशासन की मृूक स्वीकृति इसे बढ़ावा देती नजर आ रही है।


शहर की भौगोलिक स्थिति के लिहाज से बरसों से शहर में भरने वाला बारिश का पानी नाजिम का तालाब एवं गद्दियों का तालाब में जाता है। यहां मिट्टी के डैम (पाल) बने हैं। इन बांधों के भरने पर पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास के किनारे-किनारे छोटी उदेई के हार में जाकर समाता रहा है, लेकिन यहां कुछ भूमाफियाओं ने इस ओवरफ्लो चैनल को मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। ओवरफ्लो चैनल के बंद होने से इस शहर में जलभराव की समस्या ने जन्म ले लिया है। खास बात यह है कि डूब क्षेत्र और बहाव क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण नहीं हो सकता है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल बनाम सरकार प्रकरण में यह आदेश भी दिए हैं, लेकिन यह सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते खुलेआम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हो रही है। डूब क्षेत्र के जमीन वाले कुछ लोग यहां जमीन को समतल करते नजर आ रहे हैं, जबकि नियमानुसार डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता है।


जनप्रतिनिधियों की बात को भी ठुकराया


नगरपरिषद के पार्षदों ने भी इस समस्या को ध्यान में रखकर अतिक्रमण नहीं होने देने और मिट्टी डालने को रोकने के लिए प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन प्रशासन टस से मस तक नहीं हुआ है। यदि प्रशासन की अनदेखी का आलम यही रहा तो शहर बांध में तब्दील हो जाएगा। अब भी लगातार बारिश होने के कारण नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।


इस मामले में उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट का कहना है कि यदि बैक वाटर जैसी समस्या आती है तो जितने भी अवरोधक होंगे सबको हटाया जाएगा। बाईपास के पास सभी प्रतिष्ठान वालों ने खुद के लिए रास्ता बनाने के लिए जमीन को समतल किया है। सरकार के नियमानुसार व्यक्ति को रास्ता कनवर्जन कर दिया जा सकता है। इसके लिए उसे इतनी ही जमीन दूसरी जगह छोडऩी होती है।


वहीं एईएन नगरपरिषद नरेन्द्र गुप्ता का कहना है कि ओवरफ्लो के स्थान पर जलधारा और पार्क विकसित करने को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर से चर्चा हुई है। इसके लिए प्रस्ताव बना रहे हैं। बैक वाटर और नाली चॉक होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए जेसीबी लगाई है।

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