चम्बल-बनास फिर उफनी, आधा दर्जन से ज्यादा बांध लबालब

चम्बल-बनास फिर उफनी, आधा दर्जन से ज्यादा बांध लबालब
Chambal Banas

Vijay Kumar Joliya | Updated: 15 Sep 2019, 11:40:29 AM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

जिले में तीन दिन से मानसून फिर सक्रिय, लौटते मानसून ने किया तर : डिडायच रपट पर पानी तेज होने से चौथकाबरवाड़ा से शिवाड़ के बीच आवागमन ठप

 

सवाईमाधोपुर. जिले में पिछले तीन दिन से मानसून सक्रिय है। इससे नदी नालों एवं बांधों में एक बार फिर उफान आ गया है। वहीं करीब आधा दर्जन से ज्यादा बांध छलक पड़े हैं। कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यहां पालीघाट में चम्बल नदी खतरे के निशान पर बह रही है। वहीं बीसलपुर बांध के गेट खोल जाने से बनास भी उफान पर है। इससे डिडायच रपट पर पानी तेज होने से चौथकाबरवाड़ा से शिवाड़ के बीच आवागमन ठप हो गया है। सवाईमाधोपुर में शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सवाईमाधोपुर में 8, खंडार में 27, गंगापुरसिटी में 8, वजीरपुर 10 एवं बामनवास में 6 मिमी बरसात दर्ज की गई।


सूरवाल सहित सात बांध छलके
सवाईमाधोपुर में पिछले तीन दिन में तीन इंच से ज्यादा बरसात हुई है। जिले में सूरवाल सहित सात बांधों पर फिर से चादर चली है। इससे सूरवाल बांध इस सीजन में पहली बार छलक गया। उस पर तीन इंच की चादर चल गई है।


पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा
सवाईमाधोपुर जिले में बारिश का पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है। जिला प्रशासन के अनुसार सवाईमाधोपुर जिले में पिछले साल एक जून से 14 सितम्बर 2018 तक 6893 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। यानि औसत बारिश 861 एमएम थी। वहीं इस साल एक जून से 14 सितम्बर 2019 तक 6918 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जो पिछले साल के मुकाबले 25 एमएम ज्यादा बारिश हुई है। वहीं औसत बारिश 864 एमएम दर्ज की है।

पालीघाट पर चम्बल ने किया खतरे के निशान को पार
प्रशासन अलर्ट, जिला कलक्टर ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा
बहरावण्डा खुर्द. मध्यप्रदेश में लगातार भारी बारिश के चलते जहां एक ओर जनजीवन अस्त व्यस्त है, वहीं चम्बल नदी उफान पर है। मध्यप्रदेश के गांधीसागर एवं कोटा बैराज बांध से चम्बल में लगातार भारी मात्रा में पानी की आवक जारी है। वहीं दूसरी ओर परवन, कालीसिंध, शिप्रा, पार्वती नदियों का पानी चम्बल में मिलने से पालीघाट स्थित चम्बल ने शनिवार को खतरे का निशान पार कर लिया। चम्बल नदी के बढ़ते जलस्तर से जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। इसके चलते जिला कलक्टर सवाईमाधोपुर ने शनिवार को पालीब्रिज सहित चम्बल से सटे कई गांवों का दौरा किया। इधर चम्बल के पानी ने क्षेत्र के कई गांवों के मुख्य मार्गों तक पहुंचकर ग्रामीणों का रास्ता रोक दिया। गांवों में खेत भी जलमग्न हो गए।


पालीघाट स्थित केन्द्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राजेश मीना ने बताया कि गांधीसागर व कोटा बैराज बांध से लगातार पानी की निकासी के चलते शनिवार रात 8 बजे तक चम्बल का गेज 20.890 मीटर पहुंच गया था। वहीं प्रत्येक घंटे चम्बल में पानी का स्तर 3 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर बढऩे की रफ्तार धीमी है। जेईएन राजेश मीना ने बताया कि पानी की लगातार आवक से यदि आने वाले दिनों में जलस्तर नहीं बढ़ता है तो भी दो-तीन दिनों तक चम्बल का गेज इतना ही रहेगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पालीघाट स्थित चम्बल नदी का गेज 20 मीटर पहुंच जाने पर खतरे का निशान माना जाता है।

मुख्य हाइवे से संपर्क कटा
पालीघाट स्थित चम्बल में जलस्तर बढऩे से शनिवार को क्षेत्र के नरोड़ा व खेड़ी गांवों के मुख्य रास्तों तक चम्बल का पानी पहुंच गया। इससे नरोड़ा, खेड़ी सहित बोहना, सोनकच्छ आदि गांवों का संपर्क मुख्य हाइवे से कट गया। वहीं इन गांवों के ग्रामीणों को अब खण्डार क्षेत्र के खण्डेवला व गंडावर होकर आवागमन करना पड़ रहा है।

इन गांवों को खतरा
चम्बल में पानी का स्तर बढऩे से चम्बल किनारे बसे खण्डार तहसील के सेंवतीखुर्द, धर्मपुरी, पाली, बोहना, मीनाखेड़ी, जयलालपुरा, नरवला, सोनकच्छ, गंडावर, बड़वास, बागोरा, आकोदा एवं सवाईमाधोपुर तहसील के आकोदिया, धीरोली, अजीतपुरा, कर्मापुर, सेवतीकलां आदि गांवों तक पानी पहुंच सकता है।

जिला कलक्टर ने किया दौरा
शनिवार को जिला कलक्टर डॉ सत्यपाल सिंह ने मय जाप्ते के पालीब्रिज सहित चम्बल प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया तथा मीनाखेड़ी, सोनकच्छ, बोहना, पाली आदि गांवों का मौका मुआयना किया। जानकारी के अनुसार लगातार कालीसिंध, परवन नदियों का पानी पार्वती नदी में मिलता है। इससे पार्वती नदी में पानी की भारी आवक जारी है। शिप्रा नदी भी उफान पर है। इसी प्रकार शनिवार तक कोटा बैराज के 19 गेट खोल दिए गए और शाम 4.45 बजे करीब 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गांधीसागर बांध के सभी गेट खोल दिए हैं। इधर बीसलपुर बांध से भी कई गेट खोलने के कारण बनास नदी भारी वेग से बह रही है। जिसके चलते रामेश्वर धाम स्थित त्रिवेणी संगम पर बनास की थोक लगने से पालीघाट की ओर चम्बल का जलस्तर बढ़ रहा है।

अवकाश के दिन मुख्यालय पर रहने के निर्देश : खण्डार एसडीएम रतन लाल अटल ने चम्बल में लगातार पानी की आवक के चलते शनिवार को पटवारी व ग्राम विकास अधिकारियों को अपना मुख्यालय नहीं छोडऩे एवं आपातकालीन की स्थिति में तुरंत प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश दिए। इधर जिला कलक्टर ने केन्द्रीय जल आयोग के अधिकारी से प्रत्येक 2 घण्टे में चम्बल की रिपोर्ट करने के लिए कहा।

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