23 साल बाद 23 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चम्बल, गांवों को खाली करवाना शुरू

23 साल बाद 23 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चम्बल, गांवों को खाली करवाना शुरू
23 साल बाद 23 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चम्बल, गांवों को खाली करवाना शुरू

abdul bari | Updated: 15 Sep 2019, 08:30:32 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश ( heavy rain in rajasthan ) के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। लगातार चम्बल ( Banas river ) में हो रही पानी की आवक के चलते रविवार को चम्बल नदी गत 23 साल के रिकॉर्ड स्तर 23 मीटर पर पहुंचते हुए उफान पर चल रही है। रविवार को चम्बल के हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट ( Administration High Alert ) जारी किया।

बहरावण्डा खुर्द.
राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश ( heavy rain in rajasthan ) के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। लगातार चम्बल ( Banas river ) में हो रही पानी की आवक के चलते रविवार को चम्बल नदी गत 23 साल के रिकॉर्ड स्तर 23 मीटर पर पहुंचते हुए उफान पर चल रही है। रविवार को चम्बल के हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट ( Administration High Alert ) जारी किया। चम्बल से सटे 8 गांवों को प्रशासन ने रविवार शाम तक खाली करवाना शुरू कर दिया। उनके आवास एवं भोजन की व्यवस्था नजदीकी सुरक्षित ग्राम पंचायत बहरावण्डा खुर्द एवं खण्डार मुख्यालय पर की गई है।


हाइवे पर आवागमन बंद

चम्बल में लगातार बढ़ता पानी मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित दांतरदा गांव में टोंक-चिरगांव राष्ट्रीय राजमार्ग 552 पर पहुंच गया। इससे रविवार दिनभर हाइवे पर आवागमन बंद कर दिया गया। रविवार को जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव ने पालीब्रिज, मीनाखेड़ी, सेंवती, धर्मपुरी, पाली, सोनकच्छ, बोहना, नरोड़ा, खेड़ी, सेंवतीकलां आदि तटवर्ती गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से वार्ता कर उनको चम्बल के खतरे से अवगत करवाया।


1996 में पहुंची थी 26.100 मीटर

जानकारी के अनुसार वर्तमान में चम्बल का 23 मीटर का गेज चल रहा है। यह चम्बल का गत 23 साल में सबसे उच्चतम रिकॉर्ड है। इससे पहले चम्बल वर्ष 1996 में भयंकर रूप से उफान पर आई थी। उस समय चम्बल का गेज 26.100 मीटर पहुंच गया था। इसके चलते कई गांवों को खाली करवाया गया था।


गोताखोर व बचाव दल किए तैनात ( rescue operation )

जिला प्रशासन ने चम्बल के जलस्तर के बढ़ते हालातों को देखते हुए सुरक्षा एवं बचाव के लिए कई टीमें पालीघाट पर मुस्तेद कर दी। क्यूआरटी टीम, एसडीआरएफ दल, गोताखोर आदि पालीघाट पर तैनात हैं। एसडीआरएफ इंचार्ज उदल सिंह ने बताया कि उनके दल के 12 सदस्य यहां तैनात किए गए हैं। इधर, जिला प्रशासन ने गोतोखारों की एक टीम को चम्बल के पास मुस्तेद कर रखा है। वहीं क्यूआरटी टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।


वाहनों को रोका ( chambal river water )

चम्बल में उफान के चलते उसका पानी मध्यप्रदेश के दांतरदा गांव तक जा पहुंचा और राजस्थान व मध्यप्रदेश का सम्पर्क कट गया। इसके चलते राजस्थान की सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वाहनों को पालीब्रिज से पहले ही रोक दिया। प्रशासन ने दांतरदा एवं पालीब्रिज तक के बीच में आवागमन बंद रखा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मियों ने पालीब्रिज पर जमा भीड़ को हटाया। वहीं छोटे दुपहिया व चौपहिया वाहनों का भी पालीब्रिज पर आवागमन बंद रखा। हालांकि मरीजों एवं वृद्धजनों को आसपास के गांवों तक जाने के लिए छोटे वाहन सहित निकाला गया।

इनका कहना है...

चम्बल में लगातार पानी की आवक बढऩे से चम्बल से सटे गांव को खाली करवाना शुरू कर दिया है। इनकी व्यवस्था खण्डार के आईटीआई कॉलेज, मॉडल स्कूल एवं बहरावण्डा खुर्द के राउमा विद्यालय में की गई है।

- रतन लाल अटल, एसडीएम खण्डार

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