छह माह से ठप चम्बल परियोजना का काम, जून से बंद पड़ा परियोजना का काय...

एसई व तकनीकी सहायकों के पद रिक्त, अब तक प्रथम फेज में 71 व द्वितीय फेज में 33 प्रतिशत कार्य

By: Shrikant Sharma

Published: 09 Dec 2017, 03:54 PM IST

सवाईमाधोपुर. चम्बल सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना का कार्य लम्बे समय से ठप है। फर्म की लापरवाही से योजना के पूरा होने की अवधि साल-दर-साल बढ़ती की जा रही है। इधर, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं तकनीकी सहायकों के पद रिक्त होने से योजना फिर से खटाई में पड़ती दिख रही है। एसई व तकनीकी सहायकों के अभाव में परियोजना की समय पर मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य के चलते परियोजना में आगे भी कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना में वर्तमान में प्रथम पैकेज में 71 प्रतिशत एवं द्वितीय पैकेज में 33 प्रतिशत का कार्य पूरा हो सका है, जबकि परियोजना का कार्य जून 2017 से बंद है। परियोजना में लम्बे समय से एसई एवं उनके अधीन कार्य करने वाले तकनीकी सहायक एवं अधिशासी अभियंता, तकनीकी सहायक एवं सहायक अभियंता के पद रिक्त है। अधीक्षण अभियंता का पद 31 अक्टूबर, अधिशासी अभियंता एवं तकनीकी सहायकों का पद एक मई से रिक्त है। सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक का एक साल दो महीने से पद खाली है। पद रिक्त होने से जिलों के 926 गांव के लोगों को परियोजना का लाभ अगले साल तक नहीं मिलेगा।

 

ये है वर्तमान कार्यों की स्थिति
चम्बल सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना के तहत अब तक 71 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है। मण्डरायल से सवाईमाधोपुर तक इंटेक वेल पर 27 प्रतिशत, पाइप लाइन का कार्य 70 प्रतिशत, वाटर ट्रीटमेंट का 75 प्रतिशत कार्य हुआ है। फर्म की ओर से 14 सितम्बर 2016 को कार्य बंद कर दिया गया। इसे वापस मार्च 2017 में शुरू किया गया, लेकिन इसके बाद जून में फिर से काम बंद कर दिया गया। इसके बाद से अब तक कार्य बंद है। सवाईमाधोपुर से गंगापुर के मध्य कुल 68.5 किमी. पाइप लाइन डाली जानी है, इनमें से अब तक केवल 27.9 किलोमीटर तक पाइप लाइन डाली जा चुकी है, जबकि 38 किलोमीटर तक पाइप लाइन डालने का कार्य शेष है।

 

567 करोड़ की है योजना
करौली-सवाईमाधोपुर जिले की बहुआयामी योजना वर्ष 2004 में स्वीकृत हुई थी। तीन अक्टूबर 2005 को परियोजना का कार्य शुरू हुआ था। दो अक्टूबर 2008 को परियोजना कार्य पूण होना था, लेकिन समय पर कार्य पूरा नहीं होने से विभाग ने अब तक आठ बार समय बढ़ाया है। वहीं निर्माता कम्पनी पर 17.37 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। परियोजना का लाभ सवाईमाधोपुर जिले के 416 एवं करौली जिले के 510 गांवों को मिलेगा।

 

योजना को नहीं मिला एसई
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी की ओर से पिछले दिनों प्रदेशभर में 17 अधीक्षण अभियंताओं को नियुक्ति दी गई, लेकिन जिले को अधीक्षण अभियंता नहीं मिला, जबकि जिला मुख्यालय पर एसई का पद रिक्त होने से चम्बल सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। तीन जिलों की बहुआयामी योजना के धीमी गति के पीछे का कारण परियोजना के अधीक्षण अभियंता का पद नियमित नहीं होना है। यहां करीब एक साल पहले लगे एसई ने इसी साल अक्टूबर में सेवानिवृत्ति ले ली।

 

रफ्तार नहीं पकड़ रही योजना
इसके चलते 2004 में स्वीकृत परियोजना 13 साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। इस परियोजना की ढिलाई का अंदाजा इसी बात से
लगाया जा रहा है कि परियोजना का कार्य करने वाली कम्पनी पर अब तक सात बार जुर्माना व नोटिस देने की कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद परियोजना रफ्तार नहीं पकड़ रही।

 

जल्द शुरू कराएंगे कार्य
चम्बल सवाईमाधोपुर -नादौती पेयजल परियोजना की मॉनिटरिंग जयपुर से हो रही है। सवाईमाधोपुर में एसई पद पर नियुक्ति नहीं हुई। इसके लिए वापस सरकार को लिखा है। एक दो दिन में लेबर बुलाई है। अगले सप्ताह से कार्य फिर से शुरू कराया जाएगा।
जीआर धाकड़, एडिशनल चीफ इंजीनियर, चम्बल सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना, भरतपुर

Shrikant Sharma
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