वेलेन्टाइन डे पर कॉलेज छात्रों का टॉक शो ,छात्रों ने प्रेम से ज्यादा शहादत को दी तरजीह

वेलेन्टाइन डे पर कॉलेज छात्रों का टॉक शो ,छात्रों ने प्रेम से ज्यादा शहादत को दी तरजीह

abhishek ojha | Publish: Feb, 15 2018 01:27:59 PM (IST) Sawai Madhopur, Rajasthan, India

वेलेन्टाइन डे पर कॉलेज छात्रों का टॉक शो ,छात्रों ने प्रेम से ज्यादा शहादत को दी तरजीह

सवाईमाधोपुर. राजस्थान पत्रिका व पीजी कॉलेज के छात्रों के तत्वावधान में बुधवार को वेलेन्टाइन डे पर रोडवेज डिपो परिसर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में टॉक शो हुआ। इसमें छात्रों ने प्रेम से ज्यादा शहादत को तरजीह दी है।

छात्र नेता हेमंत सिंह राजावत ने कहा कि 14 फरवरी को देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले भगत सिंह, राजगुरू , सुखदेव का श्रद्धांजलि दिवस मनाना चाहिए। इससे युवाओं में शहीदों व देश प्रेम जागृत हो सके। विनोद यादव ने कहा कि इस दिन जिला मुख्यालय पर स्थित शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किए जाने की जरूरत है।

नि:स्वार्थ प्रेम का संदेश फैलाएं
शुभम शर्मा व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जिला संयोजक मुरलीमनोहर शर्मा ने कहा कि रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन था। उसके अनुसार विवाह करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि कम होती है। उसने आदेश दिया था कि उसका कोई सैनिक या अधिकारी विवाह नहीं करेगा।

संत वेलेंटाइन ने इसका विरोध किया। उन्हीं के आह्वान पर अनेक सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किए। क्लॉडियस ने 14 फ रवरी सन 269 को संत वेलेंटाइन को फ ांसी पर चढ़वा दिया। तब से उनकी स्मृति में प्रेम दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि सेंट वेलेंटाइन ने अपनी मृत्यु के समय जेलर की नेत्रहीन बेटी जैकोबस को नेत्रदान किया व जेकोबस को एक पत्र लिखा।

जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था तुम्हारा वेलेंटाइन यह दिन था 14 फ रवरी, जिसे बाद में इस संत के नाम से मनाया जाने लगा और वेलेंटाइन डे के बहाने पूरे विश्व में नि:स्वार्थ प्रेम का संदेश फैलाया जाता है। युवाओं में इस प्रकार की भावनाओं की जरूरत है। बृजेश सोनी, सोनू मीणा, नरेन्द्र धाकड़, राजवीर मीणा, विकास नागर ने कहा कि इस दिन दूसरे को तोहफे व फू ल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं।

पारंपरिक रूप से इस पर्व को मनाने के लिए वेलेंटाइन-डे नाम से प्रेम-पत्रों का आदान प्रदान तो किया जाता है । साथ में दिल, क्यूपिड, फू लों आदि प्रेम के चिन्हों को उपहार स्वरूप देकर अपनी भावनाओं को भी इजहार किया जाता है।

इस दिन सबसे पहले अपने-माता पिता के चरण स्पर्श कर इसकी शुरूआत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस दौरान बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओं के मण्डल संयोजक अजय जोशी, जिला सोसियल मीडिया प्रभारी सोनू योगी, अशोक गौतम, कपिल जांगिड़, राजवीर मीणा,विशाल सोनी शुभम शर्मा आदि मौजूद थे।

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