video रंग-बिरंगी रोशनी से सजा घुश्मेश्वर मंदिर

रंग-बिरंगी रोशनी से सजा घुश्मेश्वर मंदिर

By: Subhash

Published: 02 Mar 2019, 01:15 PM IST


शिवाड़. कस्बे में श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में छह दिवसीय महाशिवरात्रि मेला तीन मार्च से शुरू होगा। इसकी मंदिर ट्रस्ट व ग्राम पंचायत ने मेले की सभी तैयारी पूरी कर ली है। विशेष तौर पर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, रंग-रोगन, बिजली व सजावट की व्यवस्था की गई है। तीन से आठ मार्च तक भरने वाले मेले में प्रतिदिन विशेष आयोजन होंगे। इधर, महाशिवरात्रि मेले को लेकर दर्शनार्थियों की अभी से शुरू हो चुकी है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले,चकरी लग गए है। वहीं घुश्मेश्वर मंदिर रोड पर दुकाने सज चुकी है।
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि मेले में यात्रियों के लिए पेयजल के टैंकर, सफाई व्यवस्था, मेला बस, यातायात व पार्किग की उचित व्यवस्था रहेगी। घुश्मेश्वर मंदिर परिसर व गार्डन में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए है। मेले को देखते हुए रेलवे की ओर से 12 ट्रेनों का ईसरदा स्टेशन पर ठहराव होगा। वहीं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त मेला बसे चलाई है।

ये होंगे कार्यक्रम
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि तीन मार्च को शाम छह बजे टोंक पदयात्रा का स्वागत होगा। शाम सात बजे द्वीप प्रज्ज्वलन एवं प्रदोष पूजन एवं रात नौ बजे से मंदिर परिसर फव्वारा चौक पर प्रदोषीय जागरण होगा। इसी प्रकार चार मार्च को सोमवारीय पूजन, सुबह 11 बजे से गौतम आश्रम से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्य अतिथि राजस्थान स्वंयसेवक संघ के सम्पर्क प्रमुख शिवलहरी, पूर्व मंत्री मदन दिलावर होंगे। दोपहर एक बजे से धर्म ध्वजारोहण दोपहर दो बजे से दशहरा मैदान स्थित महावर धर्मशाला में भण्डारा होगा। इसी प्रकार रात आठ बजे से पारंपरिक शास्त्रीय संगीत होगा। इसमें मुख्य अतिथि सांसद सुखबीरसिंह जौनपुरिया व पूर्व विधायक जितेन्द्र गोठवाल होंगे। इसी प्रकार पांच मार्च को सम्पूर्ण दिवस महाशिवरात्रि पूजन व रात नौ बजे से दशहरा मैदान में भजन संध्या होगी। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, आमेर विधायक सतीश पूनिया, टोंक विधायक अजीत मेहता होंगे। छह, सात व आठ मार्च को महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाएगा।

वर्षो पुराना है मंदिर का इतिहास
शिवाड़ घुश्मेश्वर मंदिर का इतिहास वर्षों पुराना है। अपनी प्राचीनता ऐतिहासिकता एवं आस्था के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं मंदिर में दर्शन करने आते है। शिवभक्तों का इस स्थान से अटूट संबंध है। वे यहां भगवान के दर्शन-पूजन के लिए आते है। भगवान शिव का यह धाम शिवाड़ में देवगिरि पहाड़ के अंचल में स्थित है। इसे घुश्मेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार पहले इस स्थान का नाम शिवालय था जो अब शिवाड़ हो गया है। प्रतिवर्ष यहां महाशिवरात्रि मेेले में एवं श्रावण महोत्सव में दर्शनार्थियों की अधिक भीड़ रहती है।

आकर्षण का केन्द्र है देवगिरि पर्वत
इस मंदिर में देवगिरि पर्व भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र है। पहाड़ पर स्थित देवगिरि पर्वत को मंदिर ट्रस्ट ने विकसित कर विशेष आकर्षण का केन्द्र बनाया है। विभिन्न देवी-देवताओं की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं देवगिरि पर्वत पर स्थापित है। मंदिर के प्रति लोगों की विशेष आस्थाएं जुड़ी है। महाशिवरात्रि मेें मेले के दौरान लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते है।

Subhash Reporting
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