श्रम विरोधी प्रावधान को हटाने की मांग

श्रम विरोधी प्रावधान को हटाने की मांग

By: Subhash

Published: 28 Oct 2020, 10:41 PM IST


सवाईमाधोपुर. भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले श्रमिकों ने श्रम विरोधी प्रावधान को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि हाल ही में सरकार ने तीन श्रम संहिता पारित की है। इन संहिता में कई ऐसे प्रावधान है, जो श्रम विरोधी है। इनमें यूनियन के पंजीकरण के लिए न्यूनतम 10 प्रतिशत श्रमिक उस उद््देश्य से कार्य करते है या नहीं। इसको प्रमाणीत करने की प्रक्रिया जटिल है। ट्रेड यूनियन को मान्यता प्रबंधक पक्ष की ओर से 51 प्रतिशत सदस्यता होने के बाद ही दी जाएगी। पूर्व में दस प्रतिशत वाले संगठनों से भी प्रबंधक पक्ष वार्ता करता था। अब 20 प्रतिशत सदस्यता पर ही किसी प्रतिनिधिसे वार्ता करेगा लेकिन समझौता नहीं। पूर्व मे रिप्रजेंटेटिव यूनियन के लिए 15 प्रतिशत का प्रावधान था, उसे समाप्त कर दिया है। इसी प्रकार अन्य मांगों को शीघ्र पूरी करने की मांग की। इस दौरान संघ जिलामंत्री कमलेश कुमार शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
जनजागरूकता आंदोलन में तेजी लाने पर दिया जोर
सवाईमाधोपुर. जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ां ने सभी उपखंड अधिकारियों को कोरोना जागरूकता जन आंदोलन में आमजन एवं जन प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए है। .उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन के कारण बाजारों में भीड़ बढऩे लगी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण की आशंका है। ऐसे में सभी उपखंड अधिकारियों को कोरोना से बचाव के लिए जन जागरूकता आंदोलन में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अपने-अपने ब्लॉक में जनप्रतिनिधियों, कार्मिको, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के साथ बैठक आयोजित कर आमजन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया।

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