जिले के आयुर्वेदिक औषधालयों में दवाइयों का टोटा, रोगी परेशान

जिले के आयुर्वेदिक औषधालयों में दवाइयों का टोटा, रोगी परेशान

By: Subhash

Updated: 30 Jan 2021, 08:13 PM IST

सवाईमाधोपुर. देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के बढ़ावे के लिए सरकार भले ही दावे कर रही है लेकिन हकीकत यह है कि औषधालयों में दवाओं का टोटा रहता है। जिले में आयुर्वेद औषधालय औषधियों के अभाव में बीमार है। औषधालयों में उपचार के लिए जरुरत की दवाएं तक उपलब्ध नहीं है। आयुर्वेद औषधालयों से रोगियों को आधी-अधूरी दवाएं ही मिल रही हैंं। जिले के आयुर्वेद औषधालयों में रसायन शालाओं से हो रही औषधियों की आपूर्ति रोगियोंं की आवक की तुलना में ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहीं है।
दरअसल, आयुर्वेद औषधालय को सरकार की रसायनशाला से साल में दो बार दवाईयां उपलब्ध होती है लेकिन वे भी अपर्याप्त होती है। ऐसे में रोगियों को परेशानी हो रही है। औषधालया में आयुर्वेदिक काढ़ा, गोज्यादि, संजीवनी, वैजंती सहित कई प्रकार की दवाईयां नहीं है।
रोगी बाहर से खरीद रहे दवा
जिले के आयुर्वेद औषधालयों में बुखार, जुकाम, पेट दर्द, कब्ज के रोगियों की अधिक आवक रहती है। लेकिन इनसे संबंधित औधालय में इनसे संबंधित औषधियां ही नहीं हैं। औषधालयों में जिस बीमारी की दवा खत्म हो जाती है, वहां फिर छह माह में आपूर्ति मिल पाती है। पर्याप्त आयुर्वेदिक दवाइयां नही ंमिलने से रोगियों को दवाएं बाहर से महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है।
84 आयुर्वेद औषधालय
जिले भर में 84 आयुर्वेद औषधालय संचालित हैं। वहीं जिला मुख्यालय, गंगापुर सिटी व शिवाड़ में अ-श्रेणी के आयुर्वेद चिकित्सालय हैं। औषधालयों को संभाग मुख्यालय भरतपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक रसायनशाला से दवाओं की आपूर्ति की जाती है। वर्ष में दो बार जुलाई व फरवरी माह में मिलने वाली दवाओं की खेप से ही पूरे साल रोगियों का उपचार करना पड़ता है।
ऊपर से तय होती दवाएं
दवाओं की आपूर्ति से पूर्व जरूरत की दवाओं का मांग-पत्र लिया जाता है लेकिन आपूर्ति के लिए औषधियों की सूची रसायनशाला स्तर पर तय होती है। सभी औषधालयों को समान बजट की जैसी दवाओं की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में मरीज आने पर नुस्खा अधूरा रह जाता है।
चूर्ण की मात्रा चखने लायक
जिलेभर में आयुर्वेदिक औषधालयों में चूर्ण की मात्रा मात्रा चखने के लिए ह। यदि नुस्खा तैयार करें तो चूर्ण 20 रोगियों के हिस्से में ही आता है। ऐसे में रोगियों को बाजार में महंगे दामों से चूर्ण खरीदना पड़ता है।
फैक्ट फाइल
-जिले में कुल आयुर्वेदिक औषधालय-84
-सवाईमाधोपुर में पंचकर्म आयुर्वेदिक औषधालय
-गंगापुरसिटी में आंचल प्रसूता केन्द्र।
-शिवाड़ में जरावस्था केन्द्र।
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दवाईयों के लिए लिखा है पत्र
रसायनशाला से जिलेभर में आयुर्वेदिक दवाईयां मंगवाने के लिए पत्र लिखा गया है। फरवरी में दवाइयां की खेप आ जाएगी। इसके बाद जिलेभर के आयुर्वेद औषधालयों में वितरण की जाएगी।
डॉ.कैलाश चंद शर्मा, उपनिदेशक, आयुर्वेदिक विभाग उपनिदेशक कार्यालय सवाईमाधोपुर

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