आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गड़बड़ी: फरवरी में बंटनी थी चने की दाल, अब अवधिपार हुई तो मई में वितरण की तैयारी

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गड़बड़ी: फरवरी में बंटनी थी चने की दाल, अब अवधिपार हुई तो मई में वितरण की तैयारी
-जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चने की दाल वितरण में लापरवाही
- गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
-जिले में 5 लाख 72 हजार 25 किलोग्राम दाल पहुंची
-केन्द्रों पर पैकेट में जमकर खराब हुई दाल

By: rakesh verma

Published: 28 May 2021, 01:34 PM IST

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गड़बड़ी: फरवरी में बंटनी थी चने की दाल, अब अवधिपार हुई तो मई में वितरण की तैयारी
-जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चने की दाल वितरण में लापरवाही
- गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
-जिले में 5 लाख 72 हजार 25 किलोग्राम दाल पहुंची
-केन्द्रों पर पैकेट में जमकर खराब हुई दाल
सवाईमाधोपुर. कोरोना महामारी के बीच भले ही महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पढऩे वाले बच्चों, पंजीकृति गर्भवती व धात्री महिलाओं व किशोरियों को चने की दाल बांटी जा रही है, लेकिन दाल वितरण में सरकार व विभाग की लापरवाही सामने आई है। स्थिति ये है कि जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पौष्टिक आहार के नाम पर अवधिपार चने की दाल बांटी जा रही है। केन्द्रों पर तीन महीने बाद एक्सपायरी डेट की दाल बांट दी गई। इसको लेकर अधिकारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे है। दरसअल, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जिस दाल को जनवरी या फरवरी माह में बांटा जाना चाहिए था, उस दाल को सरकार व विभाग की लापरवाही व लेटलतीफी से मई माह में बांटा जा रहा है। उस चने की दाल को मई महीने में बांटा जा रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं में सरकारी सिस्टम के खिलाफ रोष है। इससे विभाग के गर्भवती महिलाओं व बच्चों के पोषण को लेकर किए जाने वाले दावों की हकीकत भी सामने आ गई है।
विभाग की ओर से ऐसे बांटी जाती है दाल
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती, धात्री महिला व बच्चों की तीन श्रेणी बनाकर खाद्य सामग्री दी जाती है। इसमें गर्भवती महिला को, धात्री महिला को 6 माह तक, 7 माह से 3 वर्ष तक व 3 वर्ष से 6 वर्ष तक बच्चों की दो श्रेणी को हर महीने तीन किलो दाल बांटी जाती है।
आरोप बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ी
पोषाहार सेवाओं के तहत यह सामग्री आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को ही मिलती है। चने की दाल में कार्बोहाईड्रेड, वसा, प्रोटीन व विटामिन होते है। इससे गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं बच्चों को पूरा पोषण मिल सकें। लेकिन इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने का आरोप है। लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तीन माह पुरानी एक्सपायरी दाल बांटी जा रही है। ऐसे में इनके स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ होता नजर आ रहा है।

rakesh verma Bureau Incharge
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