दूध के कर्ज से दबे शिक्षक

दूध के कर्ज से दबे शिक्षक
दूध के कर्ज से दबे शिक्षक

Rakesh Verma | Updated: 02 Aug 2019, 01:30:52 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

दूध के कर्ज से दबे शिक्षक

चौथकाबरवाड़ा. राजकीय विद्यालयों में संचालित अन्नपूर्णा दुग्ध वितरण योजना बजट के अभाव में शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। गौरतलब है कि राजकीय विद्यालयों में बच्चों का ठहराव व नामांकन बढ़ाने के साथ ही उनके पोषण के लिए पिलाया जाने वाले दूध के लिए बजट जारी नहीं हो रहा है। ब्लॉक में राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत् एक से लेकर पांच तक के 7792 व छह से आठ तक के 3973 बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है। शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र के दूध डेयरी व पशुपालकों से दूध खरीद कर बच्चों को पिला रहे हैं। पहले तो समय पर दूध के लिए बजट आ जाता था, लेकिन कुछ माह से भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे संस्था प्रधानों के सामने योजना के तहत बच्चों को दूध पिलाने में समस्या आ रही है। इधर, दुग्ध डेयरी संचालक उधार वसूलने के लिए गुरुजी के चक्कर काट रहे हैं।


पूरा बजट नहीं हुआ पास
जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा अक्टूबर 2018 से फरवरी 2019 तक का ही बजट दिया गया है। शिक्षकों पर तीन माह का दूध का कर्ज चढ़ा हुआ है।


बजट राशि उपलब्ध होते ही संस्थान प्रधानों को दूध के भुगतान के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
किशनकांत, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, चौथ का बरवाड़ा

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