खेतों में भरा पानी, फसलों में हुआ खराबा

खेतों में भरा पानी, फसलों में हुआ खराबा

Rakesh Verma | Publish: Sep, 08 2018 11:26:01 AM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 11:58:28 AM (IST) Sawai Madhopur, Rajasthan, India

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सवाईमाधोपुर. गत दिनों हुई तेज बारिश किसानों के लिए मुसीबत लेकर आई है। इसके चलते खेतों में पानी भरा हुआ है। फसलें गलने लगी है। मलारना डूंगर, सवाईमाधोपुर, खण्डार, छाण सहित विभिन्न क्षेत्रों में फसलें पानी में डूबी है। अधिकांश फसल गलकर चौपट होने के कगार पर है।


पानी से धुल गई मेहनत
सवाईमाधोपुर व मलारना डूंगर इलाके के खेतों में तिल की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है, जबकि खण्डार क्षेत्र के छाण में मिर्च, टमाटर की फसल पानी में डूबी होने से वह गलने के कगार पर है। वर्तमान में किसानों ने तिल उड़द, मूंग, ज्वार, सोयाबीन ,धान, बाजारा, मिर्च व टमाटर आदि की फसल बो रखी है। किसान मुख्तयार खान ने बताया कि छाण इलाके में मिर्च व टमाटर की फसल पानी में डूबी है। ऐसे में मिर्च व टमाटर में अर्ध गलन व काल्या रोग लग गया है। फसल काली पडऩे लग गई है। उनके डंडी गलकर बीच से टूट रही है। उन्होंने कृषि अधिकारियों से फसल में हुए रोगों से बचाव के उपाय करने की मांग की है। मलारना डूंगर निवासी माहिर ने बताया कि क्षेत्र में तिल की फसल पिछले चार दिनों से पानी में डूबी है।


इन फसलों में अधिक नुकसान
किसानों ने बताया कि बारिश से जिले में तिल, उड़द, मूंग, मिर्ची व टमाटर आदि की फसलों का नुकसान है, जबकि ज्वार, बाजरा, सोयाबीन व धान की फसलों को नुकसान नहीं है। अगर लगातार बारिश हुई तो नुकसान होगा।


बारिश ने 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
जिला मुख्यालय पर एक जून से 7 सितम्बर तक हुई बारिश ने पिछले 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विज्ञान केन्द्र के उप पर्यवेक्षक बजरंग लाल जाट ने बताया कि मानटाउन में 7 सितम्बर तक 1500 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 14 साल पहले इतनी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मानटाउन में एक जून से 7 सितम्बर तक वर्ष 2005 में 498 मिमी, 2005 में 498, 2006 में 547, 2007 में 614, 2008 में 835, 2009 में 270, 2010 में 750, 2011 में 935, 2012 में 692, 2013 में 1086, 2014 में 842, 2015 में 474, 2016 में 1091, 2017 में 437 तथा वर्ष 2018 में 1500 मिमी बारिश दर्ज की गई जो अब तक सबसे अधिक है। जिले में एक जून से 7 सितम्बर तक 768 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि औसतन बारिश 650 मिमी है।


तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया है। अभी फसलों के नुकसान की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर सर्वे कराने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। खेतों में पानी भरने से सबसे अधिक तिल की फसल को नुकसान है।
पांचू लाल मीणा, उपनिदेशक कृषि विस्तार सवाईमाधोपुर।

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