पानी में अधिक फ्लोराइड बना खतरा

इलाके के पांच दर्जन से अधिक गांवों के पानी में फ्लोराइड की अधिकता लोगों के जीवन में मुश्किलें बढ़ा सकती है

By: शंकर शर्मा

Published: 16 Apr 2016, 11:58 PM IST


आशीष जैन
गंगापुरसिटी. इलाके के पांच दर्जन से अधिक गांवों के पानी में फ्लोराइड की अधिकता लोगों के जीवन में मुश्किलें बढ़ा सकती है। फ्लोराइड युक्त पानी से लोगों में समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण सामने आने और कई बीमारियों के जन्म लेने का खतरा पैदा हुआ है। पानी में फ्लोराइड की अधिकता का खुलासा जलदाय विभाग की ओर से गंगापुर सिटी व बामनवास क्षेत्र के विभिन्न गांवों में की गई पानी की जांच में हुआ है।

इस स्थिति को लेकर चिंतित हुए जलदाय विभाग ने अब इन गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करीब साढ़े 11 करोड़ रुपए के आरओ व सोलर प्लांट लगाने के प्रस्ताव भेजे हैं। प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद इन गांवों में  प्लांट लगाए जाएंगे। फिलहाल इन 67 गांवों के अतिरिक्त जलदाय विभाग की ओर से पानी में फ्लोराइड की अधिकता वाले 21 गांवों में आरओ प्लांट संचालित हैंं। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी में फ्लोराइड की अधिकतम मात्रा 1.5 पीपीएम (पार्टपर मिलियन)होने पर पानी पीने योग्य माना जाता है। लेकिन विभाग की ओर से विभिन्न गांवों में कराई गई पानी की जांच में 67 गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 1.5 पीपीएम से अधिक पाई गई है।

 हालांकि ये उन गांवों की स्थिति है जहां जलदाय विभाग की ओर से पानी की जांच कराई गई। अभी भी कईगांवों में तो पानी की जांच हो ही नहीं हो पाई है।

इन गांवों में है  समस्या
इनके अलावा बामनवास के बेरखण्डी, मीना ढाणी, देहरी, रामसहाय गुर्जर ढाणी, अम्बा पटेल की ढाणी, मीना ढाणी बिछौछ, बैराड़ा बैरवा ढाणी, बाढ देहरी, भिनौरा, मीना ढाणी, सीतोड, फुलवाड़ा, कल्याणी की ढाणी, महानछन्द प्रजापित की ढाणी, बाढ़ दुजई, मूल्या की ढाणी, सिरसाली, डांगरा, भूरया गुर्जर ढाणी, सिकरोली, कुण्डली, नेहरी, श्योसिंहपुरा, झार्रा, जीवद, गोठड़ा, रामनगर धोसी, भांकरी, नारौली चौड़, कचहरा, तिखरिया, आबादी की ढाणी, माधोपुरा, बंधावा, जोड़ली में तय मानकों से अधिक फ्लोराइड पाया गया।इसी प्रकार गंगापुर सिटी के गांवड़ी खुर्द, खुदस्यां, बाढ़कलां, जलोखरा, मीना पाड़ा, जीवली, खेड़ा बाढ़ रामगढ़, रामगढ़ मुराड़ा, सलोना, नंदपुरा, खिदरपुर, मोहचा का पुरा, कड़ी पटï्टी, आस्ट्रोली, गांवड़ी खुर्द, बाढ़ मनोहरपुर, हिंगोटï्या मीना ढाणी में भी पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है।

16 गांवों में खतरनाक स्थिति
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार 67 गांवों में से 16 गांवों में   पानी में फ्लोराइड की मात्रा तय मानकों के दोगुने से भी अधिक है। इनमे बामन बड़ौदा के धुधुपुरा में पानी में फ्लोराइड 4.50 पीपीएम पाया गया।इसी प्रकार के बामनवास के नावाड किशनपुरा में 4 पीपीएम, गंगापुर के सलेमपुर में 3.70, बाढ़ खुर्द, विदरख्या, रायपुर, कोटड़ी, बामनवास के गोठ, चांदनहोली की कुम्हार ढ़ाणी व गोविन्दपुरा में 3.50, कुनकटाकलां के बाढ़भांवता व बामनवास के माधोपुरा में 3.20, बामनवास के गोठमें सुन्दर बैरवा ढाणी में 3.10 तथा गंगापुर सिटी के बाढ़ मनोहरपुर, कुनकटां व हिंगोटï्या के बाढ़ महानन्दपुर में जांच के दौरान फ्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम पाई गई।

फ्लोराइड से यह होते हैं दुष्प्रभाव
राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सक जी.बी.सिंह ने बताया कि अधिक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हडïï्डियों में फ्लोराइड जम जाता है इससे हडï्डियां कमजोर हो जाती है व जोडों में दर्द होते हैं। इसके अलावा दांतों में पीलापन, शरीर में अपंगता, कमर का झुक जाना, हाथ पैरों का ढेड़ा होना आदि दुष्प्रभाव भी पड़ सकते हैं।

लोगों को कर रहे हैं जागरूक
 फ्लोराइड के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के कईगांवों में फ्लोराइड की समस्या है। लोगों को तय मानकों के अधिक फ्लोराइड युक्त पानी का उपयोग नहीं करना  चाहिए।भोजन में कैल्शियम व विटामिन सी का अधिक उपयोग करना चाहिए।इनके सेवन फ्लोराइड शरीर में जमा नहीं होता है।
डॉ. अरविन्द मीना, जिला सलाहकार (फ्लोरोसिस)

आरओ के भेजे हैं प्रस्ताव
 जिन गांवों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है उनमें ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना के तहत आरओ व सोलर प्लांट के प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य आंरभ कर दिया जाएगा। 2017 तक सभी गांवों को फ्लोराइड मुक्त बनाने का लक्ष्य है।विजय यादव, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, गंगापुर सिटी।
शंकर शर्मा
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