प्रशासन की अनदेखी का शिकार बालिका संस्कृत विद्यालय

प्रशासन की अनदेखी का शिकार बालिका संस्कृत विद्यालय

By: rakesh verma

Published: 07 Jul 2019, 12:25 PM IST

बालेर. ग्राम पंचायत बालेर में प्रवेशिका बालिका संस्कृत विद्यालय बालेर संस्कृत शिक्षा विभाग की अनदेखी का शिकार होता नजर आ रहा है। विद्यालय में दो शिक्षक कार्यरत हैं जबकि कक्षा एक से लेकर दसवीं तक की शिक्षा बालिकाओं को दी जाती है। पूर्व में बालेर विद्यालय की बालिकाओं ने जिला मेरिट में बाजी मारी थी, लेकिन अब शिक्षकों के अभाव में इस सत्र का दसवीं परीक्षा का परिणाम 33 प्रतिशत ही रहा। अब विद्यालय में 150 छात्राएं अध्ययनरत है। शिक्षकों के अभाव में बालिकाएं दूसरे विद्यालयों में प्रवेश ले रही हैं।


बालिका शिक्षा दावे खोखले साबित : बालिकाओं ने बताया कि केवल दो शिक्षक ही पढ़ाने आते हैं। सभी कक्षाओं को दो कमरों में ही बैठाया जाता है। एक शिक्षक पढ़ाते है और दूसरे कागजों का काम करते रहते हैं। बालिकाओं का कहना है कि एक रूम में दस कक्षाओं की पढ़ाई होने में परेशानी होती है। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश तेहरिया ने बताया कि विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत हैं। दो शिक्षक द्वितीय श्रेणी व दो तृतीय श्रेणी के हैं। एक शिक्षक का एक्सीडेंट हो गया, जो बेड रेस्ट पर है व एक शिक्षक अवकाश पर चल रहे हैं। दो अध्यापक अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के पद रिक्त हैं। कर्ई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। बच्चे टीसी लेकर दूसरे स्कूलों में जा रहे हैं।

rakesh verma Bureau Incharge
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