गुरु ही शिष्य के चरित्र का निर्माणकर्ता, कई क्षेत्रों में दिलाया मुकाम

जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जिले की प्रतिभाओं ने खेल के क्षेत्र में भी अपना परचम लहराया है।

सवाईमाधोपुर. जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जिले की प्रतिभाओं ने खेल के क्षेत्र में भी अपना परचम लहराया है। फिर चाहे वो तीरंदाजी हो या फिर स्केटिंग जिले की प्रतिभाओं ने कई बार जिले का नाम रोशन किया है। इन सभी प्रतिभाओं को तो हम सभी जानते हैं, लेकिन इनको सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके प्रशिक्षकों का बड़ा योगदान है। इन प्रशिक्षकों की मेहनत अधिकतर पर्दे के पीछे ही रहती है। शिक्षक दिवस के मौके पर पत्रिका ने ऐसे प्रशिक्षकों से बात की, जिन्होंने जिले की कई प्रतिभाओंं को मंच देने के साथ ही सफलता का स्वाद भी चखाया है। पेश है एक खास रिपोट...


मिसाल 1महेन्द्र ने यशी को बनाया 'अर्जुन'
आलनपुर निवासी यशी शर्मा ने तीरंदाजी में कई बार स्वर्ण पदक पर निशाना लगाक र जिले का नाम रोशन किया है। यशी के पिता श्रीकृष्ण शर्मा ने बताया कि गत वर्ष की शुरुआत में वह अपनी बेटी के साथ पीजी कॉलेज में गए थे। उस समय महेन्द्र मैदान में कुछ बच्चों को तीरंदाजी सीखा रहे थे। ऐसे में यशी ने भी सीखने की इच्छा जाहिर की तो उनके पिता ने कोच महेन्द्र से बात की। इस पर कोच ने कहा कि यह टाइट गेम है। इसमें मेहनत अधिक लगती है, लेकिन यशी के जिद करने पर उसे दो महीने तक रबड़ अभ्यास कराया गया। इस अभ्यास में सफल होने के बाद उसे तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया गया।

यह उनकी कठोर मेहनत का ही फल था कि यशी ने 63वीं जिला स्तरीय क्रीड़ा तीरंदाजी में प्रथम स्थान, जयपुर में हुई स्टेट लेवल तीरंदाजी में प्रथम स्थान, आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में यशी ने राजस्थान स्टेट लेवल टीम के साथ राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया और राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंंपियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त किया। इसके बाद नागपुर में अण्डर नौ वर्षीय राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत में प्रथम रैंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद जनवरी 2019 मेें पंजाब में हुई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना साधा, इसी प्रकार मई 2019 में अजमेर में हुई छठी राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।


मिसाल2 5 खिलाडिय़ों को पहुंचाया अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर
खिलाडिय़ों को सफलता के शिखर पर पहुंचाने वाले प्रशिक्षकों में कोच व फिजीकल टे्रनर मनोज बैरवा का नाम भी जिले में सम्मान के साथ लिया जाता है। वर्तमान में मनोज उदयपुर के केन्द्रीय विद्यालय में कोच के पद पर कार्यरत है। उनके द्वारा स्केटिंग में प्रशिक्षित किए गए अब तक पांच खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके है। 2007 से कोचिंग के काम से जुड़े मनोज प्रदेश भर के 258 खिलाडिय़ों को नेशनल स्तर पर, 37 खिलाडिय़ों को स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इण्डिया में, 47 खिलाड़ी ऑल इण्डिया लेवल पर पहुंचा चुके हैं। मनोज ने सवाईमाधोपुर के गौतम कॉलोनी निवासी आदित्य सिंह को भी स्केटिंग में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। आदित्य 2018 में नेपाल में जूनियर श्रेणी में तीन स्वर्ण पदक जीत चुका है। आदित्य 24 से 29 सितम्बर तक बैंकॉक में होने वाली इण्डो थाईलैण्ड इंटरनेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में भाग लेगा।


मिसाल3राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान
शारीरिक शिक्षक भूपेन्द्र शर्मा द्वारा प्रशिक्षित किए गए अब तक तीन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपने जौहर दिखा चुके है। दिनेश शर्मा ने बताया कि 2018 में राष्ट्रीय विद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता में दुष्यंत सिंह गुर्जर व रिंकू मीणा व ताइक्वांडो में काव्या मीणा राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।


मिसाल4 महेन्द्र ने जितवाया रजत पदक
कुछ इस प्रकार की जिद तीरंदाजी के कोच महेन्द्र सिंह ने भी दिखाई। उन्होंने 2015 में कोटा विश्वविद्यालय में हुई तीरंदाजी प्रतियोगिता में बिना किसी सुविधा व संसाधनों के ही शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह राजकीय महाविद्यालय की टीम को प्रशिक्षित कर अन्तर महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पद जितवाया था।

Vijay Kumar Joliya
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