रणथम्भौर में ठेकेदारी करने वाले लोगों का शिकार में हाथ, मांस को ढाबों पर सप्लाई करने की आशंका

रणथम्भौर में ठेकेदारी करने वाले लोगों का शिकार में हाथ, मांस को ढाबों पर सप्लाई करने की आशंका

सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना क्षेत्र में चीतल का शिकार मामले में नया खुलासा हुआ है। वन विभाग ने शिकार में रणथम्भौर में ठेकेदारी करने वाले लोगों का हाथ भी होने की आशंका जताई है। सूत्रों के मुताबिक फलौदी एवं खण्डार रेंज इलाके में कुछ ठेकेदार कच्चे निर्माण कार्य का ठेका लेते हैं। इनके साथ जो श्रमिक काम पर आते हैं, वे भी आसपास के गांवों के ही होते हैं। वन विभाग ने शिकार के इस मामले में शामिल दस लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से दो आरोपी असरार पुत्र निसार निवासी जैतपुर तथा कालू उर्फ सुनैफ पुत्र कदीर निवासी जैतपुर ने समर्पण कर दिया था। समर्पण करने वाले दोनों आरोपियों ने ही आठ अन्य नामों का खुलासा किया गया है। इनमें रणथम्भौर में ठेकेदारी का काम करने वाले एवं कुछ श्रमिक भी बताए हैं।


क्षेत्र व वन्यजीवों की जानकारी थी
जंगल के अंदर काम करने वाले इन्हीं लोगों को वन क्षेत्र के रास्तों की जानकारी थी। इसके अलावा वन्यजीवों के विचरण एवं उनके रहवास स्थल का भी पता था। इससे उनको शिकार में आसानी हो गई थी।
आसपास के ढाबों पर सप्लाई का शक
टोंक-चिरगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर जैतपुर गांव बसा हुआ है। उसके आसपास से छोटे ढाबे संचालित हैं। वन विभाग को ये भी आशंका है कि शिकार करने के बाद शिकारी इन ढाबों पर मांस की सप्लाई करते थे। कुछ मांस घरों पर पकाते थे।


दो घंटे में चीतल मारा और आ गए जंगल से बाहर
रणथम्भौर बाघ परियोजना के भैंरूपुरा इलाके में शिकारियों ने चीतल के शिकार की घटना को महज दो घंटे में ही अंजाम दिया था। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक ये शिकारी 21 जनवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे ही जंगल के अंदर दाखिल हुए थे। वहीं करीब दो घंटे बाद रात 11 बजकर 40 मिनट पर शिकार को लेकर जंगल से बाहर आए थे। शिकारियों ने जंगल में ही उसकी गर्दन भी काट दी थी। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा ये हो रहा है कि क्या साढ़े नौ बजे से पहले वन विभाग की रात्रि गश्त पूरी हो जाती है।


जिम्मेदार कार्मिकों पर नहीं कार्रवाई
इस मामले में अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।


शिकार के आरोपी दिन के रिमाण्ड पर रणथम्भौर में चीतल के शिकार का मामला
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर की फलौदी रेंज के भैरूपुरा वन क्षेत्र में चीतल का शिकार करने वाले दो आरोपियों को शुक्रवार को खण्डार मजिस्टे्रट के सामने पेश किया गया। जहां से आरोपियों को सोमवार तक पुलिस रिमाण्ड पर भेज दिया गया। पुलिस व वन विभाग की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


10 आरोपी है लिप्त
वनाधिकारियों ने बताया कि आरोपी असरार पुत्र निसार व ताड़ू उर्फ सुनैफ निवासी जैतपुर को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए रिमाण्ड पर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों में शिकार में कुल दस लोगों के शामिल होने की बात कबूल की है। इनमें वन विभाग की ओर से पूर्व में चिह्नित किए गए पांचों आरोपी शामिल हैं।


नहीं तो फिर होगी कार्रवाई
वनाधिकारियों ने बताया कि चीतल का शिकार एक गंभीर अपराध है। ऐसे में मामले के सभी आरोपियों को पकडऩा वन विभाग की प्राथमिकता है। विभाग की ओर से फिलहाल शेष आरोपियों पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बनाया जा रहा है।


पूर्व सरपंच का बेटा भी शामिल
वनाधिकारियों ने बताया कि मामले में कुल दस आरोपी है। इनमें कालू उर्फ सुनेफ (20) पुत्र कदीर निवासी जैतपुर, आकिब उर्फ मामा(22) पुत्र आबिद निवासी मस्जिद मोहल्ला जैतपुर, रईस(25) पुत्र मुस्तफा निवासी मस्जिद के पास जैतपुर, सद्दाम (20) पुत्र मोहम्मद हनीफ पूर्व सरपंच निवासी खांटेक मोहल्ला जैतपुर, मतीर(22) पुत्र रिजवान निवासी मस्जिद के पास जैतपुर, कालू उर्फ नाजिम (22) पुत्र मुत्तलिम निवासी जैतपुर, अलफान उर्फ लादेन (21) पुत्र फरियाद निवासी जैतपुर, तालिम(25) पुत्र वहीदा निवासी जैतपुर, इन्याज(25) पुत्र खल्लो निवासी जैतपुर, असरार(41) पुत्र निसार निवासी जैतपुर है। इसमें से दो ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

शिकार के मामले में दस लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से कुछ रणथम्भौर में ठेकेदारी या श्रमिक के रूप में काम करने वाले लोग भी हो सकते हैं। पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मुकेश सैनी, डीएफओ, रणथम्भौर बाघ परियोजना

rakesh verma Bureau Incharge
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