चम्बल की बीहड़ों में बनास की बजरी के लग रहे ढेर,प्रदेश में बजरी खनन व परिवहन पर रोक के चलते मध्यप्रदेश ले जा रहे माफिया

चम्बल की बीहड़ों में बनास की बजरी के लग रहे ढेर,प्रदेश में बजरी खनन व परिवहन पर रोक के चलते मध्यप्रदेश ले जा रहे माफिया
चम्बल की बीहड़ों में नरेडा गांव के निकट लगे बजरी के ढेर।

Abhishek Ojha | Updated: 19 May 2018, 01:36:44 PM (IST) Sawai Madhopur, Rajasthan, India

चम्बल की बीहड़ों में बनास की बजरी के लग रहे ढेर,प्रदेश में बजरी खनन व परिवहन पर रोक के चलते मध्यप्रदेश ले जा रहे माफिया

चम्बल की बीहड़ों में कर रहे स्टॉक ,पुलिस एवं खनिज विभाग की नहीं कोई रोक
सवाईमाधोपुर . राजस्थान में भले ही बजरी पर खनन व परिवहन पर प्रतिबंध लगा हो, लेकिन बजरी माफिया अवैध रूप से खनन कर दूसरे राज्यों में बजरी भेज रहे हैं। नजदीकी मध्यप्रदेश के आसपास के जिलों में तो बजरी माफियाओं ने चम्बल की बीहड़ों में बनास की बजरी का स्टॉक कर रहे हैं। जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में ऐसा हो रहा है।


एक-दूसरे पर करते हैं टालमटोल : अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के मामले में खनिज एवं पुलिस विभाग एक-दूसरे पर टालमटोल करते हैं। इस बारे में पुलिस से पूछा तो उसका कहना था कि ये काम खनिज विभाग का है। वह कहे तो कार्रवाई करेंगे। खनिज विभाग के एईएन से कई बार संपर्क किया, लेकिन नहीं हुआ। हालांकि वे भी पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाते हैं।


कहां से ले जा रहे बजरी
सवाईमाधोपुर से राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की सीमा के बीच सिर्फ पालीघाट पुलिया का ही फासला है। पुलिया पार करते ही मध्यप्रदेश का श्योपुर जिला पड़ता है। वहीं पुलिया खण्डार इलाके में आती है। खण्डार इलाके में बनास नदी है। वहां से खनन माफिया चोरी छिपे बजरी का खनन करते हैं। फिर बजरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से खण्डार रामेश्वरम रोड से सीधे गंडावर, सोनकच्छ व नरोड़ा गांव होते हुए आती है।

पाली पुलिया के निकट चम्बल की बीहड़ों में बजरी का स्टॉक किया जाता है। रात के अंधेरे में या पुलिस से निगाह चुराकर मध्यप्रदेश की सीमा में घुस जाते हैं। यहां करते हैं स्टॉक जानकारी के अनुसार श्योपुर जिले की सीमा के निकट चम्बल खण्डार क्षेत्र के नरोड़ा गांव के पास बीहड़ों में माफिया द्वारा रेत का स्टाक किया जाता है। श्योपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में भी ऐसा ही हो रहा है। यहां करते हैं स्टॉक जानकारी के अनुसार श्योपुर जिले की सीमा के निकट चम्बल खण्डार क्षेत्र के नरोड़ा गांव के पास बीहड़ों में माफिया द्वारा रेत का स्टाक किया जाता है। श्योपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में भी ऐसा ही हो रहा है।

बीहड़ों से रात को भरते हैं वाहन
बीहड़ों में रात के अंधेरे में वाहनों की आवाज सुनाई देती है। लोगों के अनुसार माफिया स्टॉक की गई बजरी को रात को ही डम्पर, टै्रक्टर-ट्रॉली आदि में भरते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन एवं खनिज विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।


ये काम खनिज विभाग का है। अगर वे कहेंगे तो हम कार्रवाई के लिए तैयार है।
सम्पत्त सिंह, पुलिस उपाधीक्षक ग्रामीण, सवाईमाधोपुर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned