बाघ के हमले की सूचना ने कराई पुलिस व वन विभाग की मशक्कत

शहर के राजबाग नाके के पास से जंगल में गए एक जने पर बाघ के हमले की मिली थी सूचना
बाद में सुरक्षित वापस लौटा युवक वन विभाग ने ली राहत की सांस

By: Vijay Kumar Joliya

Published: 14 Jun 2020, 07:50 PM IST

सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर की आरओपीटी रेंज में राजबाग नाके के पास रविवार सुबह बाघ के हमले की सूचना से हडकंप मच गया। वहीं सूचना ने वन विभाग व पुलिस की भी दौड़ करा दी। जानकारी के अनुसार सुबह करीब दस बजे वन विभाग को सूचना मिली कि एक व्यक्ति लकड़ी काटने के लिए जंगल में गया था। इस दौरान जंगल में उस पर बाघ ने हमला कर दिया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उस व्यक्ति की तलाश शुरू की। वनाधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान संबंधित वन व आसपास के क्षेत्र में बाघ के हमले के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिले।

काफी देर बाद लौटा जंगल से
वहीं वन विभाग की टीम को जंगल में छानबीन करते देखकर जंगल में लकड़ी काटने गया शहर केे सौरती बजार निवासी व्यक्ति जंगल में ही छिप गया। बाद में उसे ढूंढने गए अन्य लोगों की समझाइश पर वह जंगल से वापस आया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया हालांकि बाद में समझाइश कर उसे छोड़ दिया गया।

वहां रहता है बाघ का मूवमेंट
लकड़ी काटने के लिए चोरी छिपे जंगल में गए अन्य लोगों ने बताया कि उन्हें जंगल में बाघ नजर आया था लेकिन बाघ ने हमला नहीं किया। वहीं वन विभाग की माने तो जिस क्षेत्र में बाघ के हमले की सूचना मिली थी वहां पर बाघ का मूवमेंट रहता है लेकिन तलाशी के दौरान उन्हें बाघ के मूवमेंट के बारे में भी कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।

इनका कहना है....
सुबह राजबाग नाके के पास जंगल में बाघ हमले की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर टीम भेजकर जांच कराई गई। यह मात्र कोरी अफवाह थी। रणथम्भौर में बाघ हमले की कोई घटना नहीं हुई है।
- संजीव शर्मा, एसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।

Vijay Kumar Joliya
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