जिम्मेदार बेपरवाह, वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल

जिम्मेदार बेपरवाह, वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल

By: Subhash

Published: 17 Jun 2020, 11:49 AM IST

सवाईमाधोपुर. आमजन को वर्षा जल संचय व संरक्षण की सीख देने वाले अधिकतर सरकारी कार्यालयों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम फेल है। देखरेख के अभाव में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। ऐसे में जिले में हर बार जल संरक्षण में खानापूर्ति होती है। जिला मुख्यालय पर ही पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से पानी व्यर्थ ही बह जाता है।
दरअसल, प्रदेश में गिरते भूजल स्तर से पार पाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बारिश के जल के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान शुरू किया गया था। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में जल स्त्रोतों का पुनरूद्धार किया गया। वहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया था लेकिन अधिकारी-कर्मचारी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भुला बैठे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। कहीं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मरम्मत की दरकार है, तो कहीं पर पाइप व दीवारे क्षतिग्रस्त है। ऐसे में मानसून के दौरान वर्षा जल संरक्षण में दिक्कत होगी।

जिला मुख्यालय पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के हाल:

केस नं.1- जिला कलक्ट्रेट परिसर
आमजन को वर्षा जल संरक्षण का संदेश देने वाले जिला प्रशासन खुद अपने हार्वेस्टिम सिस्टम की नियमित देखभाल नहीं कर पा रहे है। कलक्ट्रेट परिसर में रोजगार कार्यालय के सामने हार्वेस्टिम सिस्टम लम्बे समय से बदहाल है। आलम ये है कि साफ-सफाई नहीं होने से इसमें गंदगी जमा है। इसी प्रकार पाइप भी नहीं लगे है। दीवारे क्षतिग्रस्त है और पूरा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम खुला है। ऐसे में मवेशियों व लोगों के भी गिरने का खतरा बना है।

केस नं.2-सार्वजनिक निर्माण विभाग
जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन इसे देखकर लगता है, कई वर्षों से इसकी देखरेख नहीं हुई। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में वर्षों पुराने जंग लगे पाइप लगे है। इसी प्रकार सफाई नहीं होने से गंदगी है। पाइप भी ठीक प्रकार से नहीं लग रखे है। यहां सिस्टम पर आधे पत्थर से ढका है लेकिन इन पर जाले लगे है।

केस नं.3-नगरपरिषद कार्यालय परिसर
यहां मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत 3.19 लाख की लागत से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया था। यहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दो पत्थरों से ढका था। अंदर कचरा जमा था। यहां भी लम्बे समय से इसकी सफाई नहीं हुई। ऐसे में कचरा फैला है। अब तक जिम्मेदारों ने वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सुध तक नहीं ली है।

केस नं.4- जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय
बजरिया में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय में भी वर्षा जल संरक्षण को लेकर लापरवाही ही बरत रहे है। यहां परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना है लेकिन देखरेख के अभाव में बदहाल है। टैंकर के ऊपर कचरे के ढेर लगे है। अधिकारियों ने अब इसकी सफाई नहीं कराई है।

अधिकारियों को करेंगे पाबंद
वर्षा जल संरक्षण को लेकर जहां भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है, वहां शीघ्र ही कमियों को दूर किया जाएगा। अधिकारियों को पाबंद कर नियमित देखरेख की जिमेदारी दी जाएगी।
नन्नूमल पहाडिय़ा, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर

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