जिले में सूखे की स्थिति, लेकिन अभी तक नहीं गिरदावरी सूखे की आहट, औसत से आधी भी नहीं हुई बारिश...

कोई योजना नहीं बनाई,  अब तक गिरदावरी नहीं,  किसानों की चिंता बढ़ा दी 

By: Shrikant Sharma

Published: 11 Sep 2017, 07:41 PM IST

सवाईमाधोपुर. जिले में सूखे के हालात हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक इससे निपटने के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। आलम यह है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अब तक गिरदावरी नहीं हुई है। जिले में कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सूखे की काली छाया मंडरा रही है। जानकारी के अनुसार जिले में 650 मिलीमीटर औसत मानसूनी बारिश ठीक मानी जाती है, लेकिन इस बार आधी से भी कम बारिश हुई है। जिले में 15 जून से आठ सितम्बर तक औसत से भी कम बारिश हुई है। सावन सूखा बीतने के बाद किसानों को 15 अगस्त बाद अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अगस्त के बाद सितम्बर को भी आधा महीना गुजरने वाला है, लेकिन बारिश अच्छी नहीं हुई। जिले में कुछ क्षेत्रों में फसले पूरी तरह खराब हो चुकी है, तो कई जगह खराबे का अंदेशा बना है।

 


फसल उत्पादन पर पड़ेगा असर
इस साल कृषि उत्पादन पर मानसून के असर के आसार अच्छे नहीं हैं। ऐसी आशंका है कि चालू खरीफ मौसम फसल को बहुत ज्यादा नुकसान होगा। खरीफ की बुवाई पर बुरा असर पड़ा है इसलिए धान व अन्य फसलों की उपज में भारी गिरावट आ सकती है। किसानों ने बारिश की बेरूखी से तिल, सोयाबीन, बाजरा, उड़द, मूंग फसले खराब हो रही है। फिलहाल सरकार की ओर से कोई राहत को लेकर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 


सात साल बाद सबसे कम बारिश
जिले में पिछले सात साल के दौरान इस वर्ष सबसे कम बारिश हुई है। प्रतिवर्ष 15 जून से 8 सितम्बर तक बारिश का आंकड़ा साढ़े चार से अधिक रहा है, लेकिन इस वर्ष यह केवल साढ़े तीन सौ व चार सौ मिलीमीटर तक ही रह गया है।

 


चारे-पानी की चिंता
सूखे की आशंका को देखते हुए किसानों को अब धीरे-धीरे चारे-पानी की चिंता सताने लगी है। जिले के अधिकतर गांवों की आजीविका खेती व पशुपालन पर निर्भर है। ऐेसे में अकाल की छाया से सबसे बड़ी चिंता मवेशियों को बचाने की है। जिले में चारे-पानी का संकट होने लगा है।

 

पिछले सात साल के आंकड़े
वर्ष औसत वर्षा
2017 336
2016 940.8
2015 565.3
2014 707.4
2013 896.1
2012 701.1
2011 820.7
2010 830.3

15 जून से 10 सितम्बर तक बारिश
शहर बारिश(एमएम)
बामनवास 198
भाड़ौती 247
बौंली 235
चौथकाबरवाड़ा 426
देवपुरा बांध 350
ढील बांध 417
गंगापुरसिटी 449
खण्डार 371
मलारना डूंगर 370
मानसरोवर 241
मोरासागर 172
पांचोलास 378
समा.मानटाउन 435
समा.तहसील 497
वजीरपुर 266

ये बोले किसान...
करीब तीन हैक्टेयर क्षेत्र में उड़द की बुवाई की थी। कम बारिश व तापमान बढऩे से उड़द की फसल सूख गई है। इससे 75 फीसदी उड़द की फसल खराब हो गई है।
देशराज मीना, किसान


कम बारिश के चलते बाजरा व उड़द की 90 फीसदी से अधिक फसल खराब हो गई है। समय पर बारिश नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होगा।
रामहेत मीना, किसान


अब रबी फसल के लिए किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। लोदीपुरा में 75 प्रतिशत उड़द व 25 प्रतिशत बाजरा की फसल खराब हो चुकी है।
हनुमान मीना, किसान


पहले कम बारिश व अब रोग से फसल खराब हो गई है। सरकार से खराब हुई फसल का मुआवजा मांगा जाएगा। जिले को अकाल घोषित किया जाना चाहिए।
नवलकिशोर गुर्जर, किसान


जिला कलक्टर ने बरसात की कमी के कारण फसल खराब होने को लेकर समय से पूर्व गिरदावरी कराने के आदेश प्रदान कराने की मांग कर राजस्व मण्डल अजमेर को पत्र भेजा है।
महेशचंद गुप्ता, नायब तहसीलदार, जिला कलक्ट्रेट, सवाईमाधोपुर


सूखा घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी...

जिले में फसल खराबे की गिरदावरी अभी नहीं की है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद गिरदावरी की जाएगी। गिरदावरी रिपोर्ट आने के बाद ही जिले को सूखा घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। अभी प्रदेशभर में कई जिलों में अच्छी बारिश होने से गिरदावरी नहीं बना रहे है।
महेन्द्रङ्क्षसह लोढ़ा, अतिरिक्त जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर

Shrikant Sharma
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