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सवाई माधोपुर

लाखों खर्च फिर भी बेकार पड़े ‘हार्वेस्टिंग सिस्टम’

सवाईमाधोपुर. जल है तो कल है। यह स्लोगन सरकारी दफ्तर में मिल जाएगा। हर साल लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया जाता है। मगर सरकारी कार्यालयों में पानी की कितनी बचत की जाती है। यह सरकारी संस्थाओं में बने टांकों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकारी कार्यालयों में लाखों रुपए खर्च […]

सवाई माधोपुरJul 05, 2024 / 11:08 am

Subhash Mishra

सवाईमाधोपुर. जिला कलक्ट्रेट परिसर में रोजगार कार्यालय के सामने बदहाल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व जमा गंदगी।

सवाईमाधोपुर. जल है तो कल है। यह स्लोगन सरकारी दफ्तर में मिल जाएगा। हर साल लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया जाता है। मगर सरकारी कार्यालयों में पानी की कितनी बचत की जाती है। यह सरकारी संस्थाओं में बने टांकों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकारी कार्यालयों में लाखों रुपए खर्च कर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो बनाए दिए लेकिन देखरेख के अभाव में एक बूंद भी संग्रहित नहीं हो रहा है।
हर बाल जलसंरक्षण में होती है खानापूर्ति
आमजन को वर्षा जल संचय व संरक्षण की सीख देने वाले अधिकतर सरकारी कार्यालयों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम फेल है। देखरेख के अभाव में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। ऐसे में जिले में हर बार जल संरक्षण में खानापूर्ति होती है। जिला मुख्यालय पर ही पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से पानी व्यर्थ ही बह जाता है। इसको लेकर सरकारी विभाग भी बेपरवाह बने है। अधिकारी-कर्मचारी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भूला बैठे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। कहीं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मरम्मत की दरकार है तो कहीं पर पाइप व दीवारे क्षतिग्रस्त है। ऐसे में मानसून के दौरान वर्षा जल संरक्षण में दिक्कत होगी।
जिला मुख्यालय पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के हाल…

जिला कलक्ट्रेट परिसर: गंदगी जमा, दीवार क्षतिग्रस्त
आमजन को वर्षा जल संरक्षण का संदेश देने वाले जिला प्रशासन खुद अपने हार्वेस्टिम सिस्टम की नियमित देखभाल नहीं कर पा रहे है। कलक्ट्रेट परिसर में रोजगार कार्यालय के सामने हार्वेस्टिम सिस्टम लम्बे समय से बदहाल है। आलम ये है कि साफ-सफाई नहीं होने से इसमें गंदगी जमा है। इसी प्रकार पाइप भी नहीं लगे है। दीवारे क्षतिग्रस्त है और पूरा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम खुला है। ऐसे में मवेशियों व लोगों के भी गिरने का खतरा बना है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग: सफाई नहीं होने गंदगी जमा
जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन इसे देखकर लगता है कई वर्षों से इसकी देखरेख नहीं हुई। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में वर्षों पुराने जंग लगे पाइप लगे है। इसी प्रकार सफाई नहीं होने से गंदगी है। पाइप भी ठीक प्रकार से नहीं लग रखे है। यहां सिस्टम भी पूरा ढका हुआ नहीं है।
नगरपरिषद कार्यालय परिसर: टूटा पड़ा पाइप
यहां मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत पूर्व में 3.19 लाख की लागत से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया था। यहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दो पत्थरों से ढका था। अंदर कचरा जमा था। यहां भी लम्बे समय से इसकी सफाई नहीं हुई। ऐसे में कचरा फैला है। अब तक जिम्मेदारों ने वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सुध तक नहीं ली है।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय: सुध तक नहीं ली
बजरिया में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय में भी वर्षा जल संरक्षण को लेकर लापरवाही ही बरत रहे है। यहां परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना है लेकिन देखरेख के अभाव में बदहाल है। सफाई नहीं होने से टांके के आसपास अनावश्यक पेड़-पौधे उगे है। टांके की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई है।
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अधिकारियों को करेंगे पाबंद…
वर्षा जल संरक्षण को लेकर जहां भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है, वहां शीघ्र ही कमियों को दूर किया जाएगा। अधिकारियों को पाबंद कर नियमित देखरेख की जिम्मेदारी दी जाएगी।
अनिल चौधरी, उपखंड अधिकारी, सवाईमाधोपुर

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