नहीं मिल रहा इलाज, ज्यादातर बन्द रहता है केंद्र

नहीं मिल रहा इलाज, ज्यादातर बन्द रहता है केंद्र

Vijay Kumar Joliya | Publish: Sep, 09 2018 07:15:58 PM (IST) Sawai Madhopur, Rajasthan, India

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भगवतगढ़. जटवाड़ा कलां एवं आस-पास के गांवों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के अधिकांश बन्द रहने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जटवाड़ा कलां सरपंच बुगलचंद मीना एवं ग्रामीणों ने बताया कि जब भी कोई मरीज उपचार के लिए प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचता है, तो वहां ताला लटका मिलने से निराश होकर लौट जाता है। एएनएम के नहीं आने से मरीजों को अप्रशिक्षित छोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है।

दवाइयों का टोटा
सरपंच ने बताया कि पीएचसी पर सामान्य दवाइयां भी उपलब्ध नहीं है। इस बारे में एएनएम का कहना है कि जिला मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी दवा सप्लाई नहीं हो रही है। इस कारण मरीजों को दवा नहीं मिल पाती है।

स्वच्छ भारत मिशन का उड़ता मखौल
आमजन को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का पाठ पढ़ाने वाले विभाग के स्वयं के कार्यालयों में स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ रहा है। यहां स्थित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर खरपतवार एवं अन्य बेकार की वनस्पति उगी हुई है।

सरपंच ने बताया कि भवन की छत पर कभी सफाई नही होने से गन्दगी पड़ी हुई है। इसी प्रकार पूरा परिसर सफाई के अभाव में गंदगी से भरा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा भी कभी इस प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की ओर ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारियों की उपेक्षा के चलते हालात बदतर होते जा रहे है।

स्कूली बच्चों का जांचा स्वास्थ्य, 24 बच्चे इलाज के
लिए रैफर करने के लिए चिह्नित
भगवतगढ़. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धमून कलां में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम बी के चिकित्सक कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को विद्यालय की कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत करीब 155 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर जांच कर बच्चों को इलाज व दवा लेने का परामर्श दिया गया। टीम की चिकित्सक रूपाली शेली ने बताया कि गत बुधवार को कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। इस प्रकार स्कूल के करीब 260 बच्चों की जांच के दौरान 24 बच्चों को जिला स्तरीय अस्पताल अथवा उच्च स्तरीय मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने के लिए चिह्नित किया गया। जांच के दौरान टीम के साथ कम्पाउंडर नदीम भी मौजूद थे।

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