नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

गंगापुरसिटी . जयपुर रोड स्थित एक निजी आईटीआई परिसर में चल रही भागवत कथा में गुरुवार को कथा वाचक प्रिया किशोरी ने धु्रव चरित्र की कथा का वर्णन किया।

गंगापुरसिटी . जयपुर रोड स्थित एक निजी आईटीआई परिसर में चल रही भागवत कथा में गुरुवार को कथा वाचक प्रिया किशोरी ने धु्रव चरित्र की कथा का वर्णन किया।


कथावाचक ने कहा कि जो परमात्मा पर अटल विश्वास करता है, परमात्मा उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। उन्होंने धुव्र चरित्र की कथा के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सौतेली मां के व्यवहार से क्षुब्ध होकर धु्रव ने भक्ति का मार्ग चुना। इसके बाद उन्होंने कपिल देव-देहुती संवाद का प्रसंग सुनाया। साध्वी किशोरी की सुमधुर वाणी सुनकर श्रोता मंत्र-मुग्ध हो गए। श्रद्धालुओं ने धार्मिक भजनों पर नृत्य कर धर्म लाभ उठाया। इस दौरान बीच-बीच में हो रहे राधे-राधे के उद्घोष से पांडाल गुंजायमान होता रहा। पांडाल में आयोजक हरकेश मीना, गायक कलाकार मुकेश, आचार्य जगनदास एवं आईटीआई प्राचार्य लोकेश कुमार समेत श्रोता उपस्थित रहे।


इधर नृसिंह कॉलोनी में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास पंडित बनवारी लाल शर्मा ने कृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से कंस को पता चला कि उसकी बहन देवकी के गर्भ में जन्म लेने वाली आठवीं संतान उसकी मौत का कारण बनेगी। इस पर कंस ने अपनी बहन के सात बच्चों को मार दिया, लेकिन आठवें गर्भ से पैदा हुए कृष्ण को नंद बाबा के यहां पहुंचा दिया गया।

इस मौके पर पांडाल में मौजूद महिलाओं ने श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी दीना घोड़ा दीना और दीनी पालकी’ जैसे भजन गाते हुए मिठाईयां बांटी। इस अवसर पर आयोजक शिवकुमार शर्मा, हाकिम सिंह हाडा, ओमप्रकाश शर्मा, राजेन्द्र सक्सेना, राजेन्द्र शर्मा, शिवजी लाल शर्मा, गिर्राज एवं मूलसिंह राजपूत आदि उपस्थित रहे।

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