scriptअंतिम संस्कार में लकड़ी नहीं, अब गोकाष्ठ का होगा उपयोग, पर्यावरण को मिलेगा संरक्षण | Now cow dung cakes will be used instead of wood in funeral rites, environment will be protected | Patrika News
सवाई माधोपुर

अंतिम संस्कार में लकड़ी नहीं, अब गोकाष्ठ का होगा उपयोग, पर्यावरण को मिलेगा संरक्षण

बढ़ते तापमान ने देश और विदेशों में चिंता बढ़ा रखी है। ऐसे में पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पेड़-पौधे लगाने व बचाने की दिशा में विभिन्न संगठन व संस्थाएं आगे आ रही हैं।

सवाई माधोपुरJun 12, 2024 / 04:15 pm

Akshita Deora

बढ़ते तापमान ने देश और विदेशों में चिंता बढ़ा रखी है। ऐसे में पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पेड़-पौधे लगाने व बचाने की दिशा में विभिन्न संगठन व संस्थाएं आगे आ रही हैं। इसके तहत गंगापुरसिटी में 108 फुटीय श्री हनुमानजी गोशाला दौलतपुर की ओर से भी एक पहल शुरू की गई है। जिसके तहत गाय के गोबर से गौ-काष्ठ का निर्माण किया जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार हिंदू सनातन धर्म की संस्कृति में गाय के गोबर की महिमा महत्वपूर्ण बताई गई है।
सभी धार्मिक कार्यों के साथ अन्तिम संस्कार में भी इसका बहुत अधिक महत्व बताया गया है। गोशाला अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सुराणा ने बताया कि मंगलवार को गोशाला सदस्य राजेन्द्र सिंह नरूका की देखरेख में चूलीगेट मोक्ष धाम में पहला अन्तिम संस्कार गौ-काष्ठ से किया गया। नरूका ने बताया कि इससे ऑक्सीजन भी प्राप्त होती है व समय भी कम लगता है। साथ ही एक पेड़ को भी बचाया जा सकता है। सभी सदस्यों ने संकल्प लिया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने आमजन से भी गौ-काष्ठ के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाने की अपील की है।

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