‘सुरक्षा’ को आबादी की चुनौती

‘सुरक्षा’ को आबादी की चुनौती

Rajeev Pachauri | Publish: Sep, 04 2018 06:26:56 PM (IST) Gangapur City, Rajasthan, India

गंगापुरसिटी . बेहतर तालीम देने के लिए मिनी कोटा के रूप में पहचान बना रहा गंगापुरसिटी आबादी के बोझ तले तब रहा है, लेकिन इस आबादी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली खाकी नफरी के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है। शहर की आबादी जिला मुख्यालयों के आंकड़ों को मात दे रही है। प्रशासन के स्तर पर इस आबादी को सहूलियत देने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर का पद सृजित कर यहां एडीएम लगा दिया है, लेकिन आबादी की सुरक्षा का ख्याल अभी कागजों तक ही सिमटा है।

गंगापुरसिटी . बेहतर तालीम देने के लिए मिनी कोटा के रूप में पहचान बना रहा गंगापुरसिटी आबादी के बोझ तले तब रहा है, लेकिन इस आबादी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली खाकी नफरी के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है। शहर की आबादी जिला मुख्यालयों के आंकड़ों को मात दे रही है। प्रशासन के स्तर पर इस आबादी को सहूलियत देने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर का पद सृजित कर यहां एडीएम लगा दिया है, लेकिन आबादी की सुरक्षा का ख्याल अभी कागजों तक ही सिमटा है।


गणना के लिहाज से शहर की आबादी करीब सवा लाख है, लेकिन प्रदेश के कई जिलों से यहां विद्यार्थी अच्छी तालीम की ख्वाहिश लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह आबादी धरातल पर लगभग दोगुनी हो गई है। इस आबादी की सुरक्षा का जिम्मा महज एक थाने पर है। हालांकि अधिकारी स्तर इस क्षेत्र में सजगता देखी जा रही है। उपखंड स्तर से इतर यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का पद सृजित है, लेकिन नफरी के लिहाज से पुलिस को कतई सहूलियत नहीं मिल सकी है। आबादी और अपराध के लिहाज से सरकारी स्तर पर यहां उदेई थाना प्रस्तावित है, लेकिन इसके खुलने की कवायद पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में दो थानों के काम का बोझ एक ही थाना उठा रहा है।


आबादी-अपराध बता रहे जरूरत


आबादी के लिहाज से गंगापुरसिटी में एक और पुलिस थाने की दरकार काफी समय से महसूस की जा रही है। अपराधों के लिहाज से भी अतिरिक्त थाने की खासी जरूरत है। ग्रामीण थाने पर प्रतिवर्ष २५० और शहरी थाने पर ५०० केसों को अधिकतम केस माना जाता है, लेकिन गंगापुरसिटी थाने की बात करें तो यहां प्रतिवर्ष ८५० केसों से अधिक दर्ज हो रहे हैं। शहरी थाना ५०० केसों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर भी लेता है। इसमें आरोपी से पूछताछ, गिरफ्तारी और चालान पेश कर आरोपित को सजा दिलवाने तक में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोतवाली थाने पर दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या बढऩे से पेंडेंसी बढ़ रही है। यह पुलिस महकमे में कतई अच्छी नहीं मानी जाती, लेकिन फिर भी दूसरा थाना खोलने का मामला ठंडे बस्ते में है। फिलहाल भले ही कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी हो, लेकिन बढ़ती आबादी रफ्ता-रफ्ता पुलिस के लिए चुनौती बन रही है। कम नफरी के चलते अप्रेल माह में भारत बंद के दौरान पुलिस की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की बानगी नजर आई थी।


जिला मुख्यालय से ज्यादा आबादी


गंगापुरसिटी उपखंड मुख्यालय की बात करें तो यहां की आबादी करौली जिला मुख्यालय से ज्यादा है। इसी आबादी की बदौलत यहां एडीएम और एएसपी के पद सृजित किए गए हैं, लेकिन पुलिस की नफरी बढ़ाने और स्वीकृत नया थाने को शुरू करने की कवायद अटकी हुई है। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से भी इस उपखंड की दूरी करीब ८० किमी है। यदि कोई बड़ा अपराध घटित होता है तो वहां से अतिरिक्त जाब्ता आने में खासा समय लगता है।


इस मामले में एसपी समीर कुमार सिंह का कहन है कि गंगापुरसिटी में दूसरे थाने की जरूरत है। इसका प्रस्ताव बहुत पहले भेजा जा चुका है। अब इसका नोटिफिकेशन हो चुका है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद गंगापुरसिटी में उदेई मोड़ थाना शुरू कर दिया जाएगा।

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