...इसलिए टाइगर रिजर्व में घोषित किया अलर्ट

लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व व अन्य अभ्यारण्यों में शिकारियों की घुसपैठ व वन्यजीवों के शिकार की वारदातों में इजाफा होने के बाद अब आखिरकार वन विभाग व सरकार की नींद टूट गई है। हाल ही में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से यह खुफिया जानकारी साझा की गई है। इसके बाद प्रदेश का वन महकमा हरकत में आ गया है। खुफिया जानकारी के मुताबिक देशभर के अलग-अलग हिस्सों शिकार माफिया दुर्लभ जीवों का शिकार की टोह में है । शिकारियों गैंग की लिस्ट में निशाने पर टॉप पर बाघ, पैंथर है। इसके अलावा 18

By: rakesh verma

Updated: 10 May 2020, 02:37 PM IST

...इसलिए टाइगर रिजर्व में घोषित किया अलर्ट
शिकारियों साया, प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अलर्ट
प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व में शिकारियों को लेकर जारी किया गया अलर्ट
अब वन विभाग कसेगा शिकारियों पर शिंकजा
सवाईमाधोपुर. लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व व अन्य अभ्यारण्यों में शिकारियों की घुसपैठ व वन्यजीवों के शिकार की वारदातों में इजाफा होने के बाद अब आखिरकार वन विभाग व सरकार की नींद टूट गई है। हाल ही में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से यह खुफिया जानकारी साझा की गई है। इसके बाद प्रदेश का वन महकमा हरकत में आ गया है। खुफिया जानकारी के मुताबिक देशभर के अलग-अलग हिस्सों शिकार माफिया दुर्लभ जीवों का शिकार की टोह में है । शिकारियों गैंग की लिस्ट में निशाने पर टॉप पर बाघ, पैंथर है। इसके अलावा 18 बेहद दुर्लभ जीवों का शिकार करने की तैयारियां की जा रही है।
तीनों टाइगर रिजर्व के सीसीएफ को किया सतर्क
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के आईजी फॉरेस्ट सौमित्र दासगुप्ता का पत्र मिलने के बाद में राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर ने प्रदेशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खासतौर पर प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व के सीसीएफ को सतर्क करते हुए सूचनाएं एकत्र करने के लिए तत्परता से जुट जाने के आदेश दिए गए है।
ये वन्य जीव हैं शिकारियों के रडार पर
जानकारी के अनुसार टाइगर, रींछ, पैंथर, पेंगोलिन,नेवले, चिंकारा हिरण, चौसिंघा,काला हिरण, मोर, डेसर्ट मोनिटर लिजर्ड, स्पिनी टेल्ड लिजर्ड, गोडावण, हबूरा गोडावण, लेसर फ्लोरिकन और कछुए की तीन प्रजातियां भी इसमें शामिल हैं।
पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश भर में शिकार के पांच वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। इसमें से तीन तो रणथम्भौर में ही हुई है। यहां गत दिनों तालेडा रेंज के निमोणी गांव में हरिण का शिकार, बालेर रेंज के समीप बहरावण्डा कलां में एक अमरूद के बगीचे में वन्यजीव का मांस पकाने व करौली के कैलादेवी अभ्यारण्य के समीप दो बंदूकधारी शिकारियों का फोटो टै्रप कैमरे में कैद होना है। पत्रिका ने प्रमुखता से शिकार के मुद्दे को उठाया था।
इनका कहना है...
राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन में प्रदेश भर में कुछ विशेष प्रजातियों के शिकार की आशंका जताकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अब रणथम्भौर मेें गश्त व पेट्रोलिंग में इजाफा किया जाएगा।
- मनोज पाराशर, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।

rakesh verma Bureau Incharge
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