जिम्मेदार मौन, जनता की सुने कौन

जिम्मेदार मौन, जनता की सुने कौन

Rajeev Pachauri | Publish: Sep, 06 2018 05:27:42 PM (IST) Gangapur City, Rajasthan, India

गंगापुरसिटी . पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया है। बारिश का दौर नहीं थमने और ‘बैक वाटर’ के कारण कई निचले इलाकों में हालात बदतर हो रहे हैं। कई स्थानों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया है। जलनिकासी के स्रोतों पर अतिक्रमण नासूर बन गया है। बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है। जिम्मेदार स्वीकार तो कर रहे हैं, पर हैरत है कि कर कुछ नहीं पा रहे हैं।

गंगापुरसिटी . पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया है। बारिश का दौर नहीं थमने और ‘बैक वाटर’ के कारण कई निचले इलाकों में हालात बदतर हो रहे हैं। कई स्थानों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया है। जलनिकासी के स्रोतों पर अतिक्रमण नासूर बन गया है। बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है। जिम्मेदार स्वीकार तो कर रहे हैं, पर हैरत है कि कर कुछ नहीं पा रहे हैं। दिन और रात में लगातार बारिश के चलते जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बारिश के चलते सडक़ें दरिया में तब्दील नजर आ रही हैं। धाबू के पुरा की ढाणी में तालाब टूटने से ग्रामीणों को खासी मुश्किल झेलनी पड़ रही है। पानी निकलने के रास्तों पर भू माफियाओं की पड़ी कुदृष्टि ने शहर को पानी-पानी कर दिया है। शहर में चूली क्षेत्र का भी पानी आता है, जो प्रमुख बाजारों से होते हुए नाजिम के बांध तक जाता है। नाजिम बांध ओवरफ्लो होने के बाद पानी को रास्ता नहीं मिलने के कारण वह वापस लौट रहा है, जो शहर की तरफ आ रहा है। इससे शहर पानी में डूबा नजर आ रहा है। यह हाल तो शहर के साधारण बारिश में है। यदि यहां अतिवृष्टि हो जाए तो बाढ़ के हालात बन सकते हैं, लेकिन इस समस्या को जन्म देने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है। शहरके सालोदा, उदेई मोड़, फव्वारा चौक, नया बाजार, सूर सागर, कॉलेज रोड ऐसे स्थल हैं, जो हल्सी सी बारिश में ही जलमग्न हो जाते हैं।

 

खुल गई परिषद की कलई


लगातार बारिश ने नगरपरिषद के नालों की सफाई व्यवस्था की कलई भी खोलकर रख दी है। पानी निकासी नहीं होने के कारण नाले उफनते नजर आ रहे हैं। वहीं नाले-नालियों का कचरा सडक़ों पर बहता नजर आ रहा है। परिषद का दावा है कि उसने बारिश के मौसम से पूर्व सभी नालों की सफाई कराई थी, लेकिन हल्की सी बारिश में ही उफान पर नालों को देखकर नहीं लगता कि सफाई पूरी मुस्तैदी से की गई हो। जगह-जगह जलभराव होने के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


यूं ही डूबा था केरल


जानकारों का कहना है कि केरल में भी ‘बैक वाटर’ लोगों पर कहर बनकर टूटा था। वहां ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के कारण पानी का निकास नहीं हो सका और पानी लौटकर आबादी तक आ गया। पानी ने चौतरफा आबादी को घेर लिया। ऐसे में वहां बाढ़ की नौबत आ गई। शहर में भी लगातार इसकी अनदेखी की जा रही है। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।


निर्माणों से ढक गए नाले


चूली गेट से वाया ईदगाह होकर नाजिम तालाब में जाने वाला नाला एक समय शहर में बरसाती जल निकासी का मुख्य स्रोत था, वर्तमान में नाले के ऊपर हुए निर्माणों ने नाला नाली में बदल चुके हैं। लोगों की मानें तो हैरत की बात यह है कि नाले आसपास निर्माण के लिए पट्टे तक लोगों ने ले रखे हैं। इसी प्रकार गंगापुरसिटी की नहर में बरसात का पानी ओवरफ्लो होने पर आगे बढ़ता था, लेकिन अब नहर में पानी रोक दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि इन नालों का अवलोकन करें तो वस्तुस्थिति सामने आए।


कूड़ा ना जाए नाले में


शहर की सडक़ों के दोनों तरफ यूं तो बेहतर नाले हैं, लेकिन इनकी सफाई कब, कैसे और कितने दिनों में होती है, यह संभवत: किसी को ही पता हो, शहर में कई जगह सफाई होती है, कचरा नालों में डाल दिया जाता है। इससे भी नाले अवरुद्ध हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि दुकानदार भी पहल करें, सफाईकर्मी भी नाले में कचरा नहीं डालें, इससे नाले लंबे समय तक साफ रह सकते हैं।


फिर भी नहीं कार्रवाई


केचमेंट एरिया एवं डूब क्षेत्र आदि की स्थिति जस की तस रखने के उच्चतम न्यायालय के आदेशों का यहां मखौल उड़ता नजर आ रहा है। डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या निर्माण नहीं हो तथा वह यथास्थिति में रहें। इसके लिए न्यायालय ने खास तौर से निर्देश जारी किए हैंं। इस संबंध में अब्दुल रहमान बनाम सरकार केस भी न्यायालय में चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरेआम आदेशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।


इस मामले में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजनारायण शर्मा का कहना है कि शहर में जलभराव की स्थिति बनी है। कुछ लोगों ने आकर समस्या भी बताई है। समस्या के समाधान के प्रयास कर रहे हैं।
एईएन नगरपरिषद नरेन्द्र गुप्ता का कहना है कि बारिश में पानी भरने की समस्या आती है। लोगों ने अतिक्रमण भी खूब कर रखे हैं। निचले इलाकों में पानी भरा है। मैं मौका देख रहा हूं और राहत देने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। लोग कचरा भी नालों में डाल देते हैं। इससे भी परेशानी बढ़ी है।

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