सवाईमाधोपुर: दस वर्ष में पांच गुना बढ़ी अमरूदों की खेती, आय में भी उछाल

सवाईमाधोपुर: दस वर्ष में पांच गुना बढ़ी अमरूदों की खेती, आय में भी उछाल

By: Subhash

Published: 30 Jul 2021, 02:29 PM IST

सवाईमाधोपुर. देश-विदेश में राजस्थान का सवाईमाधोपुर जिला मीठे अमरूदों के नाम से मशहूर है। जिले के अमरूद की पहचान उसकी गुणवत्ता एवं स्वाद के कारण पूरे देश में बनी है। सवाईमाधोपुर पेडे के नाम से मशहूर अमरूद खाने में मीठे होते है। ऐसे में इनको सवाईमाधोपुरके पेडे के नाम से भी जानते है। स्थिति ये है कि पूरे प्रदेश में सवाईमाधोपुर एकमात्र जिला है, जहां अमरूदों की बागवानी सर्वाधिक होती है। जिले में सर्वाधिक 75 प्रतिशत अमरूदों की बागवानी होती है।
10 साल में 5 गुणा बढ़ी अमरूदों की बागवानी
जिले में पिछले एक दशक से बागवानी की तस्वीर बदलने लगी है। क्षेत्र के काश्तकार परंपरागत खेती से हटकर अब अमरूदों की बागवानी कर रहे है। स्थिति ये है कि जिले में 10 साल पहले 3 हजार हैक्टेयर में अमरूदों के बगीचे लगे थे, जो अब पांच गुणा बढ़कर 15 हजार हैक्टयर में पहुंच गए है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अच्छी आमदनी व मुनाफा होने से अब किसान अमरूदों की बागवानी लगाने में ज्यादा रूचि दिखा रहे है।
इस बार 1 हजार हैक्टेयर में लगेंगे नए बगीचे
उद्यान विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार जिले में 1 हजार हैक्टेयर में नए बगीचे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्थानीय स्तर पर पौध तैयार करने पर इस बार उत्तर प्रदेश से 5 लाख पौध मंगवाई जाएगी, जबकि पिछले साल उद्यान विभाग ने 10 लाख पौध यूपी से मंगवाई थी। स्थानीय स्तर पर अमरूदों की पौध तैयार होने से किसानों को लाभ मिलने लगा है।
दरअसलएअब जिले के किसानों का रूझान अमरूद बागवानी की ओर बढ़ा है। अमरूद के प्रति किसानों के रूझान को देखते हुए इसके पौधे के नर्सरियों की संख्या काफी बढ़ गई है। ऐसे में अब जिले में ही अमरूदों की नर्सरियां तैयार होने लगी है।
जिले में यहां है अमरूद के बगीचे
जिले में सूरवाल, करमोदा, दौंदरी, मथुरापुर, आटूनकलां, गुढ़ासी, शेरपुर-खिलचीपुरए श्यामपुरा, ओलवाड़ा, पढ़ाना, मैनपुरा, अजनोटी, भाड़ौती, सेलू, रावल, गंगापुरसिटी, बामनवास आदि स्थानों पर 15 हजार हैक्टेयर में किसानों ने अमरूद के बगीचे लगा रखे है। जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र रामसिंहपुरा, करमोदा, सूरवाल सहित कई गांव अमरूद की अच्छी पौध के लिए जाने जाते है। यहां बर्फखान गोला, लखनऊ 49, इलाहाबादी, सफेदा किस्म के अमरूदों की पौध तैयार की जाती है।
40 साल पहले करमोदा में हुई थी शुरूआत
उद्यानिकी विभाग के अनुसार परंपरागत खेती की तुलना में अमरुद बागवानी से 5 गुना तक लाभ होने से किसान इसे अपना रहे है। अमरूद बागवानी को जिले में ही नहीं आसपास के जिले टोंक, करौली, दौसा, बूंदी आदि क्षेत्रों में भी अमरूद की खेती होने लगी है। इससे अमरूद के पौधों की मांग बढ़ गई है। करीब 4 दशक पहले करमोदा गांव से शुरू हुई अमरूद की खेती सवाई माधोपुर जिले का वातावरण अनुकुल होने से फायदे का सौदा साबित हो रही है।
नर्सरियों में 12 लाख पौधे तैयार
जिले में करीब 70 से अधिक अमरूदों की नर्सरियां संचालित है। इनमें इस वर्ष 12 लाख से अधिक अमरूदों की पौध तैयार हो रही है। एक नर्सरी में तीन से पांच लाख तक की लागत होती है। एक नर्सरी में दस से 15 हजार अमरूद के पौधे तैयार हो रहे है। इनमें विनीयर ग्राफ्टिंग से अमरूद के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।

फैक्ट फाइल
-जिले में लगे कुल अमरूदों के बगीचे-15 हजार हैक्टेयर
-इस बार अमरूदों के नए बगीचे लगेंगे-1 हजार हैक्टेयर
-जिले में 18 हजार कृषक परिवार कर रहे अमरूदों की खेती।
-जिले मे इतनी नर्सरियों में तैयार हो रही पौध-70
-प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश से आते थे अमरूद की पौध-5 लाख
-इस वर्ष करीब 1 लाख के करीब आएंगे अमरूद के पौध।

ये है प्रदेश में स्थिति
शहर प्रतिशत
सवाईमाधोपुर 75 प्रतिशत
कोटा 8 प्रतिशत
दौसा 5 प्रतिशत
बूंदी 7 प्रतिशत
टोंक 10 प्रतिशत
करौली 5 प्रतिशत

यूं बढ़ रहा साल-दर-साल उत्पादन
वर्ष उत्पादन
2015 80 हजार मीट्रिक टन
2016 90 हजार मीट्रिक टन
2017 01 लाख मीट्रिक टन
2018 1 लाख 10 हजार मीट्रिक टन
2019 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन
2020 1 लाख 30 हजार मीट्रिक टन
2021 1 लाख 45 हजार मीट्रिक टन

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5 गुना बढ़े है अमरूदों के बगीचे
पिछले 10 साल में जिले में 5 गुणा अधिक अमरूदों के बगीचे लगे है। जिले में 15 हजार हैक्टेयर में अमरूदों के बगीचे लगे है। इस बार 1000 हैक्टेयर में अमरूदों के नए बगीचे लगाए जाएंगे।
विजय जैन, कृषि पर्यवेक्षक, करमोदा

आर्थिक स्थिति हो रही मजबूत
जिले में किसानों का परंपरागत खेती से हटकर अमरूदों की बागवानी में रूझान बढ़ा है। जिले के अमरूद राज्य के अलावा दिल्ली, मुम्बई, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित विदेशों में भी जा रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
राजेन्द्र कुमार बैरवा, सहायक कृषि अधिकारी(उद्यान), सवाईमाधोपुर

Subhash Reporting
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