मिट्टी की जांच जरूरी

- कार्यशाला आयोजित

By: Arun verma

Published: 10 Sep 2020, 09:18 PM IST

बाटोदा. निकटवर्ती खेड़ा बाढ़ रामगढ गांव में गुरुवार को रुरल डवलपमेंट सोसाइटी एंड वोकेशनल ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन व स्वीडिस सोसाइटी फॉर नेचर कंजर्वेशन के संयुक्त तत्वावधान में किसानों की ग्राम स्तरीय जैविक खेती जागरुकता कार्यशाला आयोजित हुई।

इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों व संस्था के प्रतिनिधियों ने मिट्टी का परीक्षण करवाकर आवश्कतानुसार रासायनिक उर्वरक का उपयोग करने की जानकारी दी। किसानों को समझाया कि वे अकारण ही बहुत अधिक मात्रा में यूरिया डालकर जमीन के पोषक तत्वों को नष्ट कर देते है जो किसान के हित में नहीं है।

संस्था के प्रतिनिधि दिनेश बागड़ा ने कार्यशाला में जैविक खाद का उपयोग कर खेती की उपज को बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद, वर्मी कंपोस्ट से होने वाले लाभ, जीवामृत, हर्बल स्प्रे व हर्बल खाद आदि की जानकारी दी। वहीं किसानों को बताया कि गर्मी के दौरान फसल कटने पर किसानों को गहरी जुताई कर परंपरागत कृषि विकास योजना पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए ट्री गार्ड
चौथ का बरवाड़ा. उपखंड मुख्यालय पर पौधों की सुरक्षा को लेकर चौथ माता ट्रस्ट की ओर से ट्री गार्ड लगवाए गए। मानसून सीजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा कस्बा व आस-पास पौधारोपण किया गया है।

ट्रस्ट की ओर से पौधों की सुरक्षा के लिए अब तक 200 से अधिक ट्री गार्ड बनाकर लगाए गए हैं। ट्रस्ट सदस्य शक्ति सिंह ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से भैडोला मार्ग, खा तालाब, बिजासन माता सहित कई जगह लगाए गए गए पौधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्री गार्ड लगाए गए।

Arun verma
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