ताले में बंद उपस्वास्थ्य केन्द्र, मरीज परेशान

ताले में बंद उपस्वास्थ्य केन्द्र, मरीज परेशान

By: Subhash

Published: 14 Sep 2021, 09:05 PM IST

सवाईमाधोपुर. कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य महकमा भले ही पूरे जिले में पुख्ता इंतजामात होने की बात करता हो लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। जिले के ग्रामींण अचलों मेंं आज भी स्वास्थ्य केन्द्र शोभा की सुपारी साबित हो रहे हैं। परिणाम स्वरूप ग्रामींणों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है और उन्हें मजबूरन झोलाछापों की शरण लेनी पड़ रही है।

ताजा मामला भाड़ौती क्षेत्र के कुण्डली नदी उपस्वास्थ्य केन्द्र का है। यहां कुंडली नदी ग्राम पंचायत मुख्यालय की करीब 3000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराए जाने के उद्देश्य से उपस्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना की गई थी। लेकिन वर्तमान के इस महामारी के समय में भी उपस्वास्थ्य नहीं खोला जा रहा है। इसमें 24 घंटे ताला जड़े किसी भी समय देखा जा सकता है। बताया गया कि इस क्षेत्र के अधिकांश ग्रामींण अंचलों की स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे ही हैं।

तीन स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी लटका ताला
ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार हर रोज नई योजनाएं बना रही है। इसके लिए लाखों रुपए भी खर्च किए जा रहे हैंए जबकि वास्तविकता यह है कि अधिकतर ग्रामीण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। कई गांवों में स्वास्थ्य केंद्रों का अभाव है जैसा कि गंभीरा उप स्वास्थ्य केंद्रए भारजा नदी उप स्वास्थ्य केंद्र एवं देवली सब सेंटर पर पिछले 2 महीने से ताला लटका हुआ है।

झोलाछाप चिकित्सकों से करवा रहे जांच
ग्रामीणों से मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपीपी मोड़ पर संचालित था उप स्वास्थ्य केंद्र जहां पर 24 घंटे ग्रामीणों को सुविधाएं मिल रही थी वही हाल ही में निजी हाथों से सरकारी हाथों में उप स्वास्थ्य केन्द्र की कमान संभाली गई तब से आज तक एएनएम जीएनएम को नहीं लगाया गया। वहां के रोगियों का उपचार झोला छाप डॉक्टरों पर निर्भर है।तीनों ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र होने पर कोई चिकित्सा कर्मी नहीं होने के कारण ग्रामीणो को इलाज के लिए झोला छाप डॉक्टर या भा?ौती के अस्पतालों के भरोसे हैै।

दम तोड़ रही चिकित्सा सेवाएं
ग्रामीणों के अनुसार उनके गांव में आकर स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। इससे न केवल लोगों को स्वास्थ सुविधाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है बल्कि अपना उपचार कराने के लिए उन्हें निजी या फर्जी डॉक्टरों का सहारा लेना भी पड़ रहा है।

इनका कहना है
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्सिंग कर्मी की कमी है जैसे ही सरकार लगायेगी वैसे ही गांव में उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्सिंग कर्मी लगा दे जाएंगे
सीएमएचओ डॉ तेजराम मीणा सवाई माधोपुर

Subhash Reporting
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