गंगापुरसिटी क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बडी खुशी की बात

जल्दी ही मिलेगा चम्बल का पानी
हजारों लोगों को है बेसब्री से इंतजार
14 साल से देख रहे हैं सपना

By: Lokesh Kant

Published: 24 May 2018, 08:44 AM IST

गंगापुरसिटी. सब कुछ ठीक रहा तो क्षेत्र की जनता को 14 वर्ष पहले दिखाया गया चम्बल के पानी से प्यास बुझाने का सपना अब जून तक पूरा हो जाएगा। राज्य सरकार का कार्यकाल भी पूरा होने को है। ऐसे में कवायद में तेजी लाई गई है। सूत्रों का कहना है कि अब लगभग सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। केवल पम्प हाउस पर कुछ तकनीकी कार्य शेष है, जो शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। इधर गंगापुरसिटी की जनता को भी चम्बल के पानी का बेसब्री से इंतजार है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी लोगों के कंठ तर करने की याद आने लगी है। इसके चलते चम्बल-सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना इन दिनों सुर्खियों में है।

 


गत दिनों कर गए निरीक्षण
चुनाव नजदीक देखकर सूबे की मुखिया ने भी चम्बल-सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना को प्राथमिकता दी है। पिछले दिनों करौली दौरे पर आने के दौरान उनके निर्देश पर परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव को निरीक्षण करना पड़ा था।

 

ऐसी फुर्ती पहले नहीं दिखाई

परियोजना का कार्य वर्ष 2008 में पूरा हो जाना था, लेकिन 14 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। इन दिनों जो तेजी दिखाई जा रही है वो पहले ही दिखाई जाती तो यह परियोजना लोगों के कंठ कभी के तर कर चुकी होती। अब बताया जा रहा है कि हिंगोटया रोड स्थित परियोजना के पम्प हाउस पर केवल तकनीकी कार्य शेष रहा है। पाइप लाइन डालने आदि का कार्य पूरा हो चुका है। इसके चलते नलों में 15 जून तक पानी दौड़ जाएगा। विधायक मानसिंह गुर्जर भी जोर लगाए हुए हैं कि कार्य समय पर हो। इसके लिए चाहे श्रमिक बढ़ाने पड़े।

 


लगेंगे सात-सात दिन
सूत्रों के अनुसार चम्बल से पाइप लाइनों में पानी लिफ्ट करने के बाद भी 15 दिन का समय लग जाएगा। चम्बल से करौली तक पानी आने में सात दिन का समय लगेगा। इसके बाद करौली से गंगापुरसिटी तक आने में भी सात दिन का समय लगेगा। इसका मुख्य कारण है कि पाइप लाइन की मोटाई काफी अधिक है। मोटे पाइप में पानी से भरने के बाद ही पानी प्रेशर से आगे बढ़ पाएगा। पहले अधिकारियों की ओर से मई के अंत तक चम्बल का पानी गंगापुरसिटी में परियोजना के पम्प हाउस तक पहुंचाने की बात कही जा रही थी। परियोजना के पम्प हाउस से शहर स्थित पम्प हाउस तक पानी पहुंचाने के लिए अमृत योजना के तहत 1628 मीटर पाइप लाइन डालने का कार्य भी तब शेष था।

 

यहां से चल रहा है सिलसिला
करौली-सवाईमाधोपुर जिले की बहुआयामी ये योजना वर्ष 2004 में स्वीकृत हुई थी। तीन अक्टूबर 2005 को परियोजना का कार्य शुरू हुआ था। दो अक्टूबर 2008 को कार्य पूर्ण होना था, लेकिन समय पर कार्य पूरा नहीं होने से विभाग द्वारा अब तक सात बार समय बढ़ाया गया और निर्माता कम्पनी पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया गया। कुल 299 करोड़ की इस परियोजना से दोनों जिलों के 926 गांव लाभान्वित होंगे। इसका लाभ सवाईमाधोपुर जिले के 416 एवं करौली जिले के 510 गांवों को मिलेगा। मंडरायल तहसील में चम्बल नदी के पानी को लिफ्ट द्वारा पीने योग्य बनाने के लिए मंडरायल घाटी के नीचे आधार शिला रखी गई थी। कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।


सैकड़ों गांव भी लगाए हैं टकटकी
चम्बल पेयजल योजना से करौली व सवाईमाधोपुर के 926 गांव व शहर लाभान्वित होंगे। इनमें सवाईमाधोपुर के 139 गांव, गंगापुरसिटी के 113 गांव, सपोटरा के 137, मंडरायल के 37, करौली के 100, हिण्डौनसिटी के 51, नादौती के 59, बामनवास के 104, टोडाभीम के 126 व मलारना डंूगर के 60 गांव शामिल हैं। परियोजना पूरी होने पर वर्ष 2021 की सम्भावित आबादी 21 लाख 18 हजार 575 की प्यास बुझ सकेगी। जनता से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में परियोजना अधिकारियों से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

प्रयास जारी है
चम्बल का पानी शहर को 15 जून तक संभवत: मिल जाएगा। इसके लिए पूरे प्रयास चल रहे हैं। योजना का लगभग सभी कार्य पूरा भी हो गया है। पम्प हाउस पर सबमर्सिबल फिटिंग आदि तकनीकी कार्य शेष हैं। इन्हें पूरा किया जा रहा है।
महेश माथुर,
प्रभारी, चम्बल-सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना।

Lokesh Kant Reporting
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