बाघ हमला: 20 घंटे तक मासूम का शव खेतों में लेकर बैठे रहे परिजन

बाघ हमला: 20 घंटे तक मासूम का शव खेतों में लेकर बैठे रहे परिजन
Tiger attack

Vijay Kumar Joliya | Updated: 09 Oct 2019, 01:56:11 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

बाघ हमले में बालक की मौत का मामला: एसडीएम व विधायक ने की समझाइश, फिर माने, मांगों पर बनी सहमति, फिर कराया पोस्टमार्टम

सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर की फलौदी रेंज इलाके के डांगरवाड़ा गांव में बाघ हमले में मारे गए दस वर्षीय बालक नीरज के शव को लेकर उसके परिजन एवं ग्रामीण सोमवार शाम चार बजे से मंगलवार दोपहर 12 बजे खेत में बैठ रहे। बाघ ने सोमवार को उस खेत में ही बालक को अपना शिकार बनाया था। 20 घंटे तक खेत में पड़े शव की सुध लेने के लिए वन विभाग का कोई कारिंदा मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों में वनाधिकारियों के रवैए के प्रति आक्रोश जताया।

वहीं रेंजर, फोरेस्टर एवं एक वन रक्षक को भी निलंबित करने की मांग की। हालांकि सोमवार देर रात तक एसडीएम रघुनाथ, तहसीलदार गोपाल सिंह आदि गांवा में ही रुके रहे। वे मंगलवार सुबह नौ बजे फिर समझाइश करने पहुंचे। इसके बाद करीब 11 बजे विधायक अशोक बैरवा की मौजूदगी में प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समझाइश हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। मंगलवार दोपहर 12 बजे शव को मौके से उठाया गया।


रातभर शव के साथ धरना
ग्रामीणों ने बताया कि बालक के शव को रात भर खेतों में ही बर्फ की सिल्लियों पर रखा गया। ताकि वह शव खराब नहीं हो। ग्रामीण भी रात भी खेतों पर धरना देकर बैठे रहे।


अंधेरे था, लालटेन व टार्च जलाई
खेतों में धरनास्थल पर अंधेरा हो गया था। ग्रामीणों ने वहां पर ही लानटेन व टार्चें जलाई। कुछ मोबाइल की रोशनी में वहां पर बैठे रहे।


खेतों में टैंट लगाकर किया पोस्टमार्टम

मांगों पर सहमति बनने के बाद खेत में ही बालक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। मेडिकल बोर्ड को वहां पर ही बुला लिया गया था। खेत पर टैंट के परदों की आड़ करके के पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


चार लाख का मुआवजा

समझाइश के वक्त विधायक ने कहा कि वे आक्रोशित ना हो तो वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया जाए। क्योंकि ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। हालांकि बाद में सीसीएफ मनोज पाराशर, डीएफओ मुकेश सैनी, एसीएफ संदीप कुमार आदि पहुंचे। मौके पर ही चार लाख का मुआवजा वन विभाग की ओर से दिया गया। विधायक अशोक बैरवा एवं ग्राम पंचायत लहसोड़ा व रामपुरा पंचायत की ओर से भी एक लाख रुपए की मदद का भरोसा दिया गया। इसके अलावा दो लाख कृषि मण्डी व दो लाख की सहायता राशि भामाशाहों की ओर से देने पर सहमति बनी।

तू घर जा...मैं मां के साथ आउंगा
डूं गरवाड़ा में बाघ हमले का शिकार हुआ बालक नीरज के साथ उसका बड़ा भाई दीपक भी घटना से कुछ देर पहले खेत में ही अपनी मां के साथ था। लेकिन घटना से पहले अपने घर चला गया था। इससे वह हादसे में शिकार होने से बच गया था। ग्रामीणों व परिजनों ने बताया कि घर लौटते वक्त दीपक ने छोटे भाई नीरज को अपने साथ घर चलने को कहा था, लेकिन नीरज ने मना कर दिया कि भाई तू घर जा, मैं तो मां के साथ ही आऊंगा। उसे क्या पता था कि वह अब कभी घर नहीं पहुंच सकेगा।


गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

दोपहर बाद बालक नीरज का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों की रुलाई थमने का नाम नहीं ले रही थी। भरतलाल कंडेरा के दो बेटों में से नीरज छोटा बेटा था। वह कक्षा तीन में पढ़ता था। छुट्टियां होने के कारण वह खेतों में मां के साथ गया था। उधर, विधायक दानिश अबरार भी गांव पहुंचे और मृतक परिजनों को सांत्वना दी।

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