जहां युवक को मारा,वहां फिर पहुंचा बाघ टी-104

जहां युवक को मारा,वहां फिर पहुंचा बाघ टी-104
सपोटरा के घंटेश्वर इलाके में टाइगर के पग मार्क देखते ग्रामीण।

Arun Kumar Verma | Updated: 14 Sep 2019, 01:28:04 AM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

टी-104 दे रहा वन विभाग को चकमा : बाघ को उसी जगह पर देख वनाधिकारियों के उड़े होश, खतरे से गांवों में दहशत का माहौल

सवाईमाधोपुर. कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र के सिमिर बाग गांव में जिस जगह पर बाघ टी-104 (Tiger-104)ने युवक को मारा था, गुरुवार देर रात वह बाघ वहां आ धमका। शव स्थल पर व खेत में घूमता रहा। जैसे वह शिकार को तलाश रहा हो। टे्रकिंग करने वाले वनकर्मियों ने उसे देखा। उसके पगमार्क के आधार पर इस बात की पुष्टि की है। हालांकि बाद में वहां से वह करीब एक किलोमीटर दूर हडिय़ा की खोह की ओर चला गया। उधर, युवक का शिकार करने के बाद से बाघ टी-104 वन विभाग के लिए एक अबूझ पहेली साबित हो रहा है। युवक के शिकार के बाद से ही वन विभाग की टीम बाघ को टे्रंकुलाइज करने का हर मुमकिन जतन कर रही है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है। वहीं बाघ अब सवाई खोह से आगे निकल चुका है। बाघ की लोकेशन देर शाम तक कैलादेवी अभयारण्य की हडिया खोह में बताई जा रही है।

अंधेरा होने से नहीं कर सके टे्रंकुलाइज
वन अधिकारियों के मुताबिक शिकार करने के बाद बाघ का मूवमेंट(Tiger movement) पहले सवाई खोह के आस-पास था। बाघ रात करीब तीन बजे फिर से उसी इलाके में पहुंचा, जहां उसने युवक का शिकार किया था। बाघ बाजरे के खेत में करीब बीस मिनट तक घूमता रहा। अंधेरा अधिक होने के कारण रात को वन विभाग की टीम बाघ को टें्रकुलाइज नहीं कर सकी। इसके बाद बाघ का मूवमेंट आगे की तरफ स्थित हडिया खोह की ओर हो गया। बाघ के देर रात शिकार वाले स्थान पर लौटने सेअब कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

आदमखोर’ पर असमंजस विभाग
बाघ आदमखोर (Maneater) है या नहीं, इसे लेकर वन विभाग असमंजस में है। वह निर्णय नहीं कर पाया है, लेकिन शिकार के स्थान पर वापस जाने से बाघ के आदमखोर होने की आशंका को बल मिल रहा है। जो खतरे का संकेत माना जा सकता है।

पहले रणथम्भौर लाने का प्लान
वन अधिकारियों की मंशा बाघ को टे्रंकुलाइज कर फिलहाल वापस रणथम्भौर में लाने की है। हालांकि वन अधिकारी भी टी-104 को फिर से रणथम्भौर के जंगल में छोडऩे से इंकार कर रहे हैं। बाघ को टे्रकुंलाइज करने के बाद रणथम्भौर के भिड़ में बनाए गए दो हैक्टेयर के एनक्लोजर में रखा जाएगा। यहां बाघ को लेकर एक सप्ताह के लिए वन अधिकारियों की मॉनिटरिंग में रखने की योजना बनाई जा रही है। इसके बाद बाघ को बॉयोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया जाएगा। सीसीएफ मनोज पाराशर का कहना है कि बाघ को वापस रणथम्भौर लाकर एनक्लोजर में रखा जाएगा। इसके बाद आगे का निर्णय किया जाएगा।

पहाड़ी पर बैठकर खोह पर रख रहे नजर
वन विभाग के लिए कैलादेवी अभयारण्य में हमलावर बाघ टी-104 को टे्रकुंलाइज करना टेड़ी खीर साबित हो रहा है। बाघ का मूवमेंट शुक्रवार सुबह सवाई खोह से आगे की ओर हडिया खोह की ओर हो गया। मूवमेंट फिलहाल हडिया खोह में ही बना हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार बाघ की टे्रकिंग में जुटी हुई है, लेकिन अब तक बाघ को टे्रंकुलाइज करने में सफलता नहीं मिली है। आलम यह है कि वन विभाग की टीम हडिया खोह के ऊपर पहाड़ी पर बैठकर बाघ की राह तक रही है, लेकिन बाघ खोह से बाहर नहीं आ रहा है।

नीचे बह रहा नाला
नाला व पानी बन रहा परेशानी का सबब : खोह में तेज नाला बह रहा है। पानी का बहाव बहुत तेज है। साथ ही खोह में जंगल घना होने के कारण विजिबिलटी कम है। ऐसे में वन कर्मी खोह में उतरने से कतरा रहे हैं। पहाड़ी के ऊपर बाघ के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। करौली एवं सवाईमाधोपुर के दर्जनों कर्मचारी इस बाघ की ट्रेकिंग में जुटे हैं। इसके अलावा अधिकारी भी डेरा डाले हुए हैं। विभाग अब कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता है।

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