भूमिगत केबल डाल भूला निगम

गंगापुरसिटी. निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत निगम की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों पर भूमिगत केबल डाली गई थी। रिस्टे्रक्चर एक्सलेरेटेड पावर डवलपमेंट रिफॉर्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत भूमिगत केबल डाले जाने को दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका उपयोग शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में लगता है कि निगम भूमिगत केबल डालने के बाद उसे भूला बैठा है। गौरतलब है कि भूमिगत केबल के माध्यम से उपभोक्ताओं को विद्युतापूर्ति की जानी हैं।

गंगापुरसिटी. निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत निगम की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों पर भूमिगत केबल डाली गई थी। रिस्टे्रक्चर एक्सलेरेटेड पावर डवलपमेंट रिफॉर्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत भूमिगत केबल डाले जाने को दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका उपयोग शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में लगता है कि निगम भूमिगत केबल डालने के बाद उसे भूला बैठा है। गौरतलब है कि भूमिगत केबल के माध्यम से उपभोक्ताओं को विद्युतापूर्ति की जानी हैं।


यहां डाली केबल


सूत्रों के अनसार आरएपीडीआरपी के तहत इस कार्य के लिए अप्रेल 2०13 में कार्यादेश जारी किए गए थे। इसके बाद कोतवाली, देवी स्टोर चौराहा, तिलक बाजार, सुभाष बाजार, खारी बाजार, पुरानी नगर पालिका, चौपड़, कैलाश टाकिज, घासमंडी आदि क्षेत्र में भूमिगत केबल डाली गई थी। साथ ही केबल बॉक्स भी लगा दिए गए थे। इसके बाद भी भूमिगत केबल का अभी तक उपयोग शुरू नहीं हुआ है।


यह है लाभ


भूमिगत केबल निर्बाध विद्युतापूर्ति में सहायक है। बार-बार तार टूटने, फॉल्ट आने व कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होने के साथ बिजली चोरी पर भी अंकुश लगता है। इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति संभव है।


संसाधन जरूरी


सूत्रों के अनुसार भूमिगत केबल में फॉल्ट चैकिंग के लिए फॉल्ट डिटेक्टर मशीन की आवश्यकता होती है। निगम की ओर से 132 जीएसएस से सिटी पावर हाउस में आने वाली 33 केवी लाइन को भारत मिल से पावर हाउस तक पहुंचाने के लिए भूमिगत केबल डाली गई थी। इस केबल में अलग-अलग समय दो बार फॉल्ट आने पर शहर के कई हिस्सो में घंटों तक आपूर्ति ठप रही। दूसरे शहर से फॉल्ट डिटेक्टर मशीन बुलाने के बाद भूमिगत केबल में फॉल्ट पकड़ में आ सके। इसके बाद निगम ने यहां ओवरहैड लाइन भी डाली है। ऐसे में फॉल्ट डिटेक्टर मशीन का होना जरूरी है।


खराब हो रहे बॉक्स


निगम ने भूमिगत केबल के लिए चिह्नित स्थानों पर बॉक्स भी लगाए थे। काफी समय बाद भी उपयोग नहीं होने से यह बॉक्स खराब हो रहे हैं। कई जगह से बॉक्स स्टैण्ड के स्थान पर इधर-उधर पड़े नजर आते है। इसी प्रकार कुछ स्थानों पर केबल भी सडक़ किनारे पड़ी नजर आती है। इससे आवागमन में परेशानी होती है।


शुरू करेंगे
भूमिगत केबल डाली गई है, लेकिन अभी चालू नहीं है। इसे मार्च तक शुरू किया जाएगा।
-केवल वर्मा, सहायक अभियंता (अ प्रथम), विद्युत निगम गंगापुरसिटी।

Rajeev Reporting
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