VIDEO : न्यायालय की रोक, फिर भी अवैध बजरी खनन से आदेशों की खुलेआम उड़ रही हैं धज्जियां

Vijay Kumar Joliya

Publish: May, 18 2019 06:00:00 AM (IST) | Updated: May, 18 2019 11:41:38 AM (IST)

Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

मलारना डूंगर. बजरी खनन व निर्गमन पर न्यायालय की रोक लगातार जारी है। इसके बावजूद मलारना डूंगर क्षेत्र में अवैध बजरी खनन कर निर्गमन करते वाहन सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है। यहां ना तो कानून नाम की कोई चीज है। नाही न्यायालय के आदेशों की पालना कराने के लिए कोई जिम्मेदार संस्था ठोस कदम उठा रही है। इससे बजरी के अवैध कारोबार से जुड़े दबंगो के हौसले बुलंद है।

उधर रात दिन सड़को पर सरपट दौड़ते बजरी के ओवरलोड वाहनों से आमजन तो आहत है, लेकिन न्यायालय के आदेशों की पालना कराने वाले जिम्मेदार विभागों को ना तो सड़को पर बजरी के वाहन नजर आते है। नाही बनास नदी का सीना छलनी कर बजरी का अवैध खनन करने में लगी जेसीबी मशीन व एल एन्ड टी मशीनें दिखाई पड़ती है। यह बात अलग है कि पुलिस व खनिज विभाग यदा कदा बजरी के वाहनों जुर्माना की फौरी कार्रवाई कर कार्रवाई कर यह दिखाने का प्रयास जरूर करता है कि न्यायालय के आदेशों की पालना करने को तत्पर है।

यह भी हकीकत है है एक वाहन पर कार्रवाई करने के बाद कई दिनों तो जिम्मेदार विभाग बजरी के वाहनों की तरफ देखने तक कि जहमत तक नही उठाते। यही वजह है पुलिस में शिकायत के बावजूद बजरी के वाहनों पर कार्रवाई नही होती। नतीजतन बजरी के अवैध कारोबार से जुड़े दबंगो के हौसले बढ़ते जा रहे है। आलम यह है कि अब इन दबंगो से आमजन भी दहशत में रहने लगा है। लोगो का कहना है कि बजरी माफियाओ के आगे सरकारी तंत्र बेबस बना हुआ है। तो आमजन की तो बिसात ही क्या है। शुक्रवार को भी कस्बे में होकर दिन भर बजरी के ओवरलोड वाहन निकलते रहे। वही भीड़ भाड़ वाले इलाके से बस स्टेण्ड पर होकर मलारना की तरफ बड़े बड़े ट्रेलर, ट्रक व ट्रेक्टर ट्रॉलियों के जाने का सिलसिला बना रहा। मजे की बात यह है कि मलारना स्टेशन क्षेत्र में ना तो कोई बड़ी फेक्ट्री या कृषि उपज मंडी है। नाही लीगल माइनिंग है। जहां से दर्जनों वाहन लोडिंग होते हो। सब जानते है कि इस क्षेत्र से केवल अवैध बजरी खनन कर वाहनों में लोडिंग का कारोबार किया जाता है।


यह सब जानते है, लेकिन नजर अंदाज किया जा रहा है। शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने स्थानीय थाना पुलिस को कई बार फोन पर अवैध बजरी वाहनों के निकलने की सूचना दी। हर बार एक ही जवाब मिला बस अभी कार्रवाई करते है। सुबह से शाम तक ना तो पुलिस का अभी पूरा हुआ। ना बजरी के ओवरलोड वाहनों का संचालन रुका। शुक्रवार शाम को भी बस स्टेण्ड क्षेत्र से बजरी से भरे दर्जनों वाहन तेज रफ्तार से निकले। इस दौरान कई बाइक सवार बाल बाल बचे। मजे की बात यह है कि पुलिस कर्मी बजरी के ओवरलोड वाहनों को कस्बे में होकर निकलने से रोकने की बात तो करते है, लेकिन इन पर ठोस कानूनी कार्रवाई करने को तैयार नही है। यही वजह है कि लोगो की जुबान पर भी मिली भगत की चर्चा आम होने लगी है। शुक्रवार को भी बस स्टैंड पर एक पुलिस कर्मी सादा वर्दी में बजरी के ट्रेक्टर ट्रॉली को हाथ से रुकने का इशारा करता है। ट्रेक्टर धीमा होता है। इसके बाद फिर आगे बढ़ जाता है। इस माजरे को किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर पत्रिका को उपलब्ध करवाया।

भरत सिंह,थाना प्रभारी मलारना डूंगर का है कहना है.....
में अवकाश पर हूं। अभी भी बीमार हूं। बोतल चढ़ रही है। यदि कोई पुलिस कर्मी बजरी में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर ठोस कार्रवाई करेंगे। बजरी वाहनों।पर कार्रवाई के लिए अतिरिक्त जाब्ता भी मांगा है। किस पुलिस कर्मी के सामने से बजरी के वाहन निकले। इसकी जानकारी नही है। जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।

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