पांचवे दिन भी सडक़ पर डटे रहे ग्रामीण

बामनवास (गंगापुरसिटी) . टूंडीला की बजाय टोडा को ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत ग्रामीण रविवार को पांचवे दिन भी सडक़ पर जमे रहे। ऐसे में बामनवास-मोरासागर मार्ग पूरी तरह बाधित है।

By: Rajeev

Updated: 08 Dec 2019, 07:54 PM IST

बामनवास (गंगापुरसिटी) . टूंडीला की बजाय टोडा को ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत ग्रामीण रविवार को पांचवे दिन भी सडक़ पर जमे रहे। ऐसे में बामनवास-मोरासागर मार्ग पूरी तरह बाधित है।


आंतरी क्षेत्र के सुकार, अमावरा तथा गढमोरा से गंगापुर सिटी के लिए संचालित होने वाली निजी बसों के पहिए भी पिछले पांच दिनों से थमे हुए हैं। ऐसे में एक तरफ बस मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ दर्जनों गांवों के लोगों को साधनों के अभाव में या तो बामनवास तक पैदल चलकर बसें पकडऩी पड़ती हैं या सूरतपुरा बंधे पर होकर गंगापुरसिटी लालसोट जाना पड़ रहा है। सबसे बुरी स्थिति पानी को लेकर हो रही है।

आंदोलनरत ग्रामीणों द्वारा बानोर जल परियोजना से पानी का उत्पादन ठप कर दिए जाने से उपखण्ड मुख्यालय सहित करीब १८ गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था चौपट हो गई है। उपखण्ड मुख्यालय बामनवास पर पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। पीने के लिए लोग आरओ के पानी पर आश्रित हैं तो नहाने धोने के लिए बिछव तालाब में भीड़ है।


स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि टोडा-टूंडीला की ग्राम पंचायत की लड़ाई में आखिर उन्हें क्यों पानी से वंचित किया जा रहा है। प्रशासन मूकदर्शक बने रहने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। किसी जनप्रतिनिधि ने भी जाम स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास नहीं किया है। पेयजल संकट से क्षुब्ध लोगों का सोमवार को प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट सकता है।

लोगों की सोमवार को प्रशासन को घेरने की योजना है। स्थानीय निवासी फूलकेश त्यागी, पंडित बुद्धिप्रकाश, रूपसिंह एवं मनीष आदि के अनुसार पूरे मामले में प्रशासन की उदासीनता सामने आ रही है। टोडा के लोगों को अपनी मांग के लिए आंदोलन करने का हक है, लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता पर कब्जा जमाने का कतई हक नहीं है। प्रशासन को या तो लोगों को वहां से हटाना चाहिए अथवा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था कराई जानी चाहिए।


अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन


रविवार को जाम स्थल पर युवाओं ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किए जाने की वजह से अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। दर्जनों युवाओं ने अपने अधोवस्त्र उतारकर विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि विधायक की वजह से ही टोडा की बजाय टूंडीला को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है, लेकिन वे इस निर्णय को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।


पायलट से भेंट के बाद निकल सकता है रास्ता


टोडा को ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर में दो दिनों से डेरा डाले हुए है। इसके लिए उन्होंने पूर्व केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण मीना सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया।

बताया गया है कि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के रविवार रात तक विदेश से जयपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल की सोमवार सुबह पायलट से मुलाकात हो सकती है। पायलट से भेंट के बाद ही टोडा को ग्राम पंचायत बनाने के मामले में कोई रास्ता निकल सकता है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल महेश मीना ने बताया कि उपमुख्यमंत्री से भेंट के बाद ही इस मामले में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। वे इसके लिए क्षेत्रीय विधायक इंदिरा मीना से भी जयपुर में मिलेंगे।


दोनों गांवों के बीच हो सकती है तनाव की स्थिति


टोडा-टूंडीला गांवों में ग्राम पंचायत को लेकर आपस में तनाव की स्थिति हो सकती है। जहां टोडा के लोग पंचायत मुख्यालय बदलवाकर टोडा कराने पर आमादा हैं। वहीं टूंडीला के लोग भी अब किसी भी सूरत में टूंडीला से ग्राम पंचायत का दर्जा छिनने नहीं देंगे। इसके लिए उन्होंने भी गांव स्तर पर लॉबिंग शुरू कर दी है। बताया गया है कि पूरे मामले को लेकर वे भी सतर्क हैं। इधर दोनों गांवों के लोगों के बीच सोशल मीडिया पर भी वॉर चल रहा है। हालांकि टोडा गांव की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उनकी टूंडीला से कोई लड़ाई नहीं है।

Rajeev Reporting
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