वार्ड फुल, बरामदों में पहुंचे मरीजों के पलंग

वार्ड फुल, बरामदों में पहुंचे मरीजों के पलंग
वार्ड फुल, बरामदों में पहुंचे मरीजों के पलंग

Rajeev Pachauri | Updated: 17 Sep 2019, 09:02:57 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

गंगापुरसिटी . बदले मौसम के बीच लोगों की सेहत नासाज हो चली है। मौसम का उलटफेर लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। बच्चे, बूढ़े एवं जवान भी मौसम के मार से बेहाल हैं। इसके चलते शहर के अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। आलम यह है कि वार्ड फुल होने के कारण मरीजों के पलंग बरामदों में लगे हुए हैं।

गंगापुरसिटी . बदले मौसम के बीच लोगों की सेहत नासाज हो चली है। मौसम का उलटफेर लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। बच्चे, बूढ़े एवं जवान भी मौसम के मार से बेहाल हैं। इसके चलते शहर के अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। आलम यह है कि वार्ड फुल होने के कारण मरीजों के पलंग बरामदों में लगे हुए हैं।


सामान्य चिकित्सालय में मरीजों की भरमार है। ओपीडी का आंकड़ा 1600 से 1700 के बीच झूल रहा है। वहीं आईपीडी भी करीब 125 के आसपास चल रही है। इस सप्ताह की बात करें तो १५ सितम्बर को ओपीड़ी 1727 रही। वहीं आईपीडी भी 133 पर पहुंच गई। ऐसे में अस्पताल की सुविधाएं भी नाकाफी साबित हो रही हैं। इन दिनों रुक-रुककर हो रही बारिश एवं तेज धूप खिलने से मौसम में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसससे लोग वायरल बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।


बरामदों में बिछ रहे पलंग


बदलते मौसम की मार से पीडि़त मरीजों से अस्पताल के वार्डों में उपलब्ध पलंग भर गए हैं। यहां मरीजों के लिए हाउसफुल की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में कई मरीज वार्डों के बाहर बैंच बिछाकर उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। वहीं मरीजों व तीमारदारों की भीड़ एवं उमस के चलते वार्डों के हाल बेहाल हैं। कई मरीज तो यहां के हालात से तंग आकर आधे-अधूूरे उपचार के बाद ही घर की राह पकड़ रहे है।


गांवों में भी हालात ठीक नहीं


ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन दिनों हालात ठीक नहीं हैं। लोग स्थानीय स्तर पर उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने से इलाज के लिए शहरों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीण कुछ दिन तो नीम-हकीमों एवं झोला झापों के यहां इलाज करा रहे हैं, लेकिन बुखार नहीं उतरने पर उन्हें बड़े अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों से खासी संख्या में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।


पंजीयन कक्षों का टोटा


सामान्य चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते पंजीयन काउंटरों पर मरीजों एवं तीमारदारों की लाइन लगी है, जो दोपहर 12 बजे तक अनवरत रूप से देखी जा सकती है। हालात यह हैं कि कई मरीज अपने तीमारदारों के साथ आकर सुबह 7 बजे से ही लाइन में आकर लग जाते हैं। जबकि पर्ची काउंटर सुबह 8 बजे खुलता है। ऐसे में मरीज एवं उनके तीमारदारों को पंजीयन काउंटरों का टोटा दर्द दे रहा है।


आनलाइन पंजीयन का इंतजार


सामान्य चिकित्सालय में लम्बे समय से ऑनलाइन पंजीयन की मांग उठती रही है। सामान्य चिकित्सालय प्रशासन की ओर से इस संदर्भ में कवायद भी की जा रही है। सामान्य चिकित्सालय में गत 15 अगस्त को ऑनलाइन पंजीयन काउंटर शुरू किए जाने की आस थी, लेकिन अभी एक माह गुजर जाने के बाद भी यह आस पूरी नहीं हो सकी है। यह लेटलतीफी मरीजों का दर्द बढ़ाने का काम कर रही है। अस्पताल में ऑनलाइन पंजीयन काउंटर शुरू होने के बाद मरीजों का ऑनलाइन डाटा रखा जा सकेगा। साथ ही लम्बी कतारों से राहत मिल सकेगी।


वायरल बुखार के लक्षण


वायरल बुखार से पीडि़त संक्रमित मरीज को लगातार बुखार बना रहना, तेज बुखार आना, सिर व मांसपेशियों में दर्द बना रहना, जुकाम या नाक बहना, गले में खरास की शिकायत होती है। साथ ही उल्टी, सामान्य कमजोरी एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।


नहीं बरतें लापरवाही


चिकित्सकों के अनुसार वायरल बुखार हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। इस कारण शरीर में इसका इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। इससे बचाव के लिए बारिश में भीगने से बचें और यदि बारिश में भीग जाएं तो जल्द से जल्द गीले कपड़े उतारकर सिर और पूरे शरीर सूखे कपड़े से पोंछ लें। धूप से आकर तुरंत कूलर व एसी में ना बैठें। रात के समय बच्चों के पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनाएं एवं कपड़े से ढंक कर सुलाएं। अधिक ठंडा पानी नहीं पिएं। साथ ही शुद्ध व ताजा भोजन ग्रहण करे।


फैक्ट फाइल


तारीख ओपीडी आईपीडी
11 सितम्बर 1667 128
12 सितम्बर 1006 091
13 सितम्बर 1236 117
14 सितम्बर 1170 101
15 सितम्बर 1727 133
16 सितम्बर 1540 104
(सामान्य चिकित्सालय में गत सात दिनों मेें मरीजों का आंकड़ा)


इनका कहना है
इन दिनों लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में खान-पान में लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। ज्यादा ठंडा पानी, कूलर की हवा से दूर रहना चाहिए। बुखार होने पर तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
- डॉ. आर.सी. मीना, वरिष्ठ फिजीशियन सामान्य चिकित्सालय

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