वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल

वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल

Rajeev Pachauri | Updated: 04 Jun 2019, 12:17:19 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

गंगापुरसिटी . प्रदेश में गिरते भूजल स्तर से पार पाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बारिश के जल के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान शुरू किया था। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र में जल स्त्रोतों का पुनरूद्धार किया गया। वहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया था, लेकिन अधिकारी-कर्मचारी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भुला बैठे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। कहीं सिस्टम का पाइप टूटा पड़ा है तो कही पाइप का एक हिस्सा गायब है। ऐसे में मानसून के दौरान वर्षा जल संरक्षण कैसे हो पाएगा।

गंगापुरसिटी . प्रदेश में गिरते भूजल स्तर से पार पाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बारिश के जल के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान शुरू किया था। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र में जल स्त्रोतों का पुनरूद्धार किया गया। वहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया था, लेकिन अधिकारी-कर्मचारी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भुला बैठे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। कहीं सिस्टम का पाइप टूटा पड़ा है तो कही पाइप का एक हिस्सा गायब है। ऐसे में मानसून के दौरान वर्षा जल संरक्षण कैसे हो पाएगा।


यहां हैं खुले पाइप


अभियान के तहत नगर परिषद के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया था। इनमें उपखंड के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय मिनी सचिवालय में पाइप टूटे हुए हैं। इसी प्रकार पंचायत समिति कार्यालय में पाइप का एक हिस्सा गायब है। सामान्य चिकित्सालय के सिस्टम के भी ऐसे ही हाल हैं। इसके बाद भी अधिकारी इनकी देखरेख के प्रति अनदेखी बरत रहे हैं।


दो दर्जन से अधिक लगाए थे


नगर परिषद की ओर से दो दर्जन से अधिक कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए थे। इनमे ंपंचायत समिति, विद्युत निगम, मिनी सचिवालय, सामान्य चिकित्सालय, प्राइवेट बस स्टैण्ड, कृषि विभाग सहित अन्य कार्यालयों में सिस्टम स्थापित किए गए थे। समय बीतने के साथ लाखों रुपए खर्च कर तैयार सिस्टम अनदेखी के शिकार हो रहे हैं।


यह है लाभ


वर्षा के पानी को उपयोग के लिए संग्रहित करने की प्रक्रिया को वर्षा जल संग्रहण कहा जाता है। छत पर गिरने वाले वर्षा जल को पाइप के माध्यम से जमीन में बने टेंक में संग्रहित किया जाता है। इससे भूजल स्तर भी बढ़ता है।


सम्बन्धित को करनी है मेंटीनेंस


वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नगर परिषद के माध्यम से लगाए गए थे। इनकी सारसंभाल और मेंटीनेंस सम्बन्धित विभाग को ही करनी है।
-पंकज मीना, सहायक अभियंता, नगर परिषद गंगापुरसिटी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned